JHARKHAND

राजागढ़ ; 900 साल से हो रही पूजा, जानें किसने की थी शुरुआत, सरकार के निर्देशों की दी जानकारी

जिला मुख्यालय अंतर्गत राजागढ़ पर स्थापित मां दुर्गा के मंडप का इतिहास नौ सौ से चला आ रहा है । इस ऐतिहासिक जगह पर 1316 ईसवी से बासंती पूजा का आयोजन होता था। आज भी उस पूजा को आगे बढ़ाते हुए उसका आयोजन बड़े ही धूम धाम से होता है। जानकारी अनुसार यहां पूजा की शुरूआत कई सौ साल पहले इस इलाके के राजा रहे स्व. राजा सागर शाही द्वारा की गई थी।

इसके बाद इनके वंशजाें द्वारा निर्बाध रूप से प्रति साल बासंती पूजा का आयोजन किया जा रहा है। वर्तमान में राजा के वंशज के रूप में कृष्णा शाही व उनके भाई विजय शाही की ओर से पिछले कई सालों से चैत नवमी दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता आ रहा है। इस स्थान पर आदि शक्ति मां दुर्गा की पूजा के अलावा पौराणिक हथियारों की पूजा होती है।

वर्तमान में पूजा के आयोजन का भार संभाले कृष्णा शाही ने बताया कि मंडप में नवरात्रा के मौके पर नौ दिनों तक मां दुर्गा की अराधना के अलावा पौराणिक काल के फरसा व हुंकार(बंदुक) की विशेष पूजा की जाती है। यह दोनों हथियार को विशेष तौर पर चांदी से मढ़ कर रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रति साल इस पूजा समारोह में पांच पंडितों की ओर से पिछले कई सालों से पूजा-अर्चना की जाती रही है।

वही यहां स्थापित की जाने वाली मां दुर्गा की प्रमिता का निर्माण पिछले तीन दशकों से हजारीबाग के कुम्हार टोला निवासी कृष्णा पंडित की ओर से किया जा रहा है। कृष्णा शाही ने बताया कि पूरी श्रद्धा व मन से इस पूजा का निर्वहन करते आ रहे है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में आसपास के लोगों द्वारा भी इसके आयोजन में स्वेच्छा से सहयोग किया जाता है। रामनवमी के दौरान इस स्थान से भव्य शोभा व जुलूस भी निकाली जाती है। यहां सप्तमी को माता का पट्ट खोला जाएगा। उल्लेखनीय रहे कि जिला मुख्यालय अंतर्गत एक मात्र चैती दुर्गा पूजा का आयोजन राजागढ़ में किया जाता रहा है।

अखाड़ा कमेटियों को सरकार के निर्देशों की दी जानकारी

कोडरमा | रामनवमी पर्व को लेकर सरकार की ओर से जारी किए गए निर्देशों के आलोक में थाना प्रभारी इंदू भूषण कुमार ने शुक्रवार को क्षेत्र के अखाड़ा कमेटियों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिया। बैठक में अखाड़ा कमेटियों के सदस्यों को सरकार के निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि जुलूस में डीजे व रिकॉर्डिंग गाने बजाने पर प्रतिबंध है।

इसके अलावा जुलूस में शामिल लोगों की संख्या 100 निर्धारित की गई है। साथ ही एक जगह पर एक हजार से अधिक लोगो के एकत्रित होने पर रोक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि जुलूस निकालने का समय 2 बजे से शाम 6 बजे तक तय की गई है। थाना प्रभारी ने सभी अखाड़ा कमेटियों से निर्देशों का पालन करने की बात कही।

उन्होंने कमेटी के सदस्यों को जानकारी देते हुए बताया कि जुलूस निकालने के लिए पूर्व से बनी रूट चार्ट का पालन किया जाना अनिवार्य है। साथ ही जुलूस के माैके पर किसी भी प्रकार के घटना क्रम सहित फैलाए जाने वाले अफवाहों की सूचना उनके मोबाइल नंबर पर तत्काल उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सभी अखाड़ा कमेटी सदस्यों से 11-11 वॉलेंटियर को नियुक्त करते हुए उन्हें जुलूस पर नजर रखने का भी निर्देश दिया। मौके पर कई अखाड़ा कमेटी के सदस्य के अलावा एसआई श्यामलाल यादव मौजूद थे।

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