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डायबिटीज वाले लोगों को करनी चाहिए ये पाँच एक्सरसाइज, होगा बहुत फ़ायदा

शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में एक्सरसाइज काफी मददगार होती है। यह ना सिर्फ आपको स्वस्थ बल्कि फुर्तीला भी बनाती है। एक्सरसाइज सिर्फ शरीर ही नहीं मन को भी स्वस्थ रखने में सहायक होती है। ऐसे में हर किसी को अपने रूटीन में वर्कआउट जरूर शामिल करना चाहिए। डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी एक्सरसाइज से काफी राहत मिलती है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है ऐसे लोगों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट यानी रोजाना 21 मिनट एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए। इससे आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होगा।

खासकर हल्की एक्सरसाइज डायबिटीज को कंट्रोल करने में काफी उपयोगी होती हैं। यानी यह सोचना कि केवल हैवी एक्सरसाइज ही शरीर को आराम पहुंचाती हैं तो गलत होगा। डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आप अपने रूटीन में कई तरह की एक्सरसाइज कर सकते हैं। जिनमें जॉगिंग से लेकर रनिंग, योगा और अन्य कई तरह के वर्कआउट शामिल हैं। कौन-सी हैं वह एक्सरसाइज जो आप अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं चलिए बताते हैं-

गार्डनिंग: गार्डनिंग एक ऐसी एक्सरसाइज है जो आपके शरीर को बहुत फायदा देती है। क्योंकि इसमें आपके जोड़ों का बहुत काम होता है। आप बार-बार बैठते हैं या गड्ढा खोदते हैं। ये सभी एक्टिविटीज एरोबिक्स टाइप की एक्टिविटीज हैं जिससे आपकी स्ट्रेंथ बनी रहती है। इसका सबसे ज्यादा फायदा है कि पेड़ों के साथ रहने से आपका स्ट्रेस लेवल कम होता है।

योगा और प्राणायम: ये दोनों करने से आपका मोटापा, ब्लड शुगर लेवल काफी हद तक नियंत्रित हो जाता है। इससे आपके शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है। आपको ध्यान रखने वाली बात है कि हमेशा किसी क्वालिफाइड योगा टीचर से सीखकर ही करना चाहिए। क्योंकि गलत योगा करने से कोई फायदा नहीं होता है।

सीढ़ियां चढ़ना और उतना: घर या ऑफिस की सीढ़ियां चढ़ने से भी ब्लड फ्लो बढ़ता है। इससे शरीर में इंसुलिन ज्यादा बनता है। जिससे आपके ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित किया जाता है। लेकिन जिन मरीजों के  जोड़ों का दर्द होता है या कोई परेशानी है तो उन्हें इस एक्सरसाइड को बिल्कुल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे आपके जोड़ों पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है और कई बार ऐसा करने से परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है।

साइकलिंग: इससे आपका लोअर बॉडी पार्टी लगातार काम करता है तो आपके शरीर में ब्लड प्रेशर का लेवल नियंत्रित रहता है। यही वजह है कि शरीर के लिए इंसुलिन प्रोड्यूस करना भी काफी आसान हो जाता है। कोशिश करें कि रोज़ाना कम से कम 10 मिनट साइकलिंग करें।

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