JHARKHAND

जमुआ प्रखण्ड के करिहारी ग्राम में श्री रुद्र महा मृत्युंजय सह शिव प्राणप्रतिष्ठा को लेकर हो रहा यज्ञ महायज्ञ

जमुआ | जमुआ प्रखण्ड क्षेत्र के करिहारी ग्राम स्थित आजाद चौक के तिवारी टोला में श्री श्री 108 श्री रुद्र महा मृत्युंजय सह शिव प्राणप्रतिष्ठा को लेकर महायज्ञ के दौरान मुख्य वक्ता प्रयागराज से आए कथा वाचक शिवम शुक्ल जी ने शिव महा पुराण की कथा वाचन के दौरान बुधवार रात्रि माता पार्वती के जीवनी प्रसंग में पुत्री के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में भाग्य से अगर पुत्र का जन्म होता है तो महा सौभाग्य से पुत्री की प्राप्ति होती है।

पुत्री के जन्म पर लोगों को निराश नहीं होना चाहिए बल्कि उत्सव मनाना चाहिए। क्योंकि पुत्र तो एक कुल को संभालता है जबकि पुत्री दो कुलों की रक्षा करती है और अपने पिता का मान बढ़ाती है। पुत्री जब अच्छे संस्कार लेकर अपने ससुराल जाती है तो लोग पुत्री के माता-पिता की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा कि कन्या दान से बड़ा कोई दान नहीं है। सच्चे मन से जब कन्या दान करता है तो पिता को जन्म और मृत्यु से मुक्ति मिल जाती है। इंसान के जीवन मे पुत्री का बड़ा महत्व है। कहा कि संसार में संपत्ति रघुपति का है। यहां से कोई कुछ भी ले कर नहीं जाता। शिव पुराण की कथा में शिव विवाह की अलौकि कथा सुनाया। साथ ही महिलाओं के चरित्र को लेकर भी कथा सुनाया। जिसे सुन महिलायें काफी प्रभावित हुवी।

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