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IMF से हुई गणित मे गलती मानी, जानें क्या है मामला

भारत में साल 2021-2022 वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड 83.57 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अमृत जैसा साबित हुआ है । इस बीच इंटरनेशनल मॉनिट्री फंड, यानि आईएमएफ ने माना है, कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर का अनुमान लगाने में उससे बहुत बड़ी गलती हुई है, जिसे अब ठीक कर दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि, भारत के आर्थिक विकास पर अपनी गणना में एक गलती को “सही” कर लिया है और कहा है, कि पहले जो ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया गया था, उसके मुकाबले भारत का ग्रोथ रेट काफी ज्यादा है।

आईएमएफ ने मान ली गलती

आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट को लेकर कहा है कि, उसने जो रिपोर्ट तैयार की थी, उसमें सुधार किया गया है, क्योंकि उसमें गणीतिय गलती की गई थी। आईएमएफ ने पहले अनुमान लगाते हुए कहा था, कि भारत साल 2029 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा, जबकि आईएमएफ ने अब कहा है, कि उसका पहले का अनुमान गलता था और नये अनुमान के मुताबित, भारत 2 साल पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर लेगा।

आईएमफ से कैसे हुई गलती?

भारत, नेपाल और भूटान के वरिष्ठ रेजिडेंट प्रतिनिधि लुइस ई ब्रेउर ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि, ‘आईएमएफ के कर्मचारियों ने एक डेटा इनपुट त्रुटि की खोज की, जिसके कारण अमेरिकी डॉलर में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की गणना में गलती हो गई ई, जिसे ठीक कर लिया गया है।’ उन्होंने कहा कि, भारतीय अर्थव्यवस्था कोविड महामारी के बाद से काफी अच्छे तरीके से सुधार कर रहा है और मार्च 2022 में भारत की रियल जीडीपी महामारी के पहले के जीडीपी के समान स्तर तक पहुंच चुकी है। इसके साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था में जो सुधार हो रहा है, उसके जारी रहने की उम्मीद है और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक खतरे भी लगातार कम हो रहे हैं, जिसमें बाहरी ताकतें भी शामिल हैं

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