Month: June 2022

  • जिला हजारीबाग उपायुक्त ने जनता दरबार में तीन दर्जन से अधिक मामले आए, निष्पादन की प्रक्रिया हेतु दिए गए निर्देश

    हजारीबाग- हजारीबाग उपायुक्त नैंसी सहाय ने शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन कर आमजनो से मिली एवं उनकी समस्याओं को जाना। साप्ताहिक आयोजित होने वाले जनता दरबार में जिले वासियों की समस्याओं के निवारण के लिए उपायुक्त के समक्ष लगभग तीन दर्जन से अधिक समस्याओं के आवेदन आए। जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के समस्याओं से निष्पादन की आस लिए आए|

    नागरिकों के फरियाद को सुन उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जांचोपरांत मामले को यथाशीघ्र निष्पादन के निर्देश भी दिए।
    उपायुक्त वेश्म में आयोजित जनता दरबार में धान का समर्थन मूल्य, आपदा, मनरेगा, जमीन संबंधी मुआवजा,पीएम आवास, भूमि अधिग्रहण, रोजगार, भूमि, म्यूटेशन, रजिस्ट्री,पेंशन, राशन कार्ड, गन लाइसेंस,सेवानिवृत्ति लाभ,भू-माफियाओं द्वारा रैयती जमीन पर अवैध कब्जा आदि समस्याओं से संबंधित आवेदन आए तथा उन आवेदनों को मार्क कर संबंधित अधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए निष्पादन के आदेश दिए।

  • अध्ययन में खुलासा, कोरोना के टीके ने भारत में 42 लाख से अधिक लोगो को मौत से बचाया

    कोविड-19 के टीके ने 2021 में भारत में 42 लाख से अधिक लोगों की मौत को रोका। द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में पब्लिश हुए एक स्टडी में यह दावा किया गया है। यह संख्या महामारी के दौरान देश में अतिरिक्त मृत्यु दर के अनुमानों पर आधारित है। गणितीय मॉडलिंग अध्ययन में पाया गया कि COVID-19 टीकों ने महामारी के दौरान पूरी दुनिया में 2 करोड़ लोगों की संभावित मौत को रोका। शोधकर्ताओं ने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम के पहले वर्ष में संभावित 314 लाख COVID-19 मौतों में से 198 लाख को दुनिया भर में रोका गया था।

    बचाई जा सकती थी 5.99 लाख लोगों की जान

    अध्ययन का अनुमान है कि अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन के 2021 के अंत तक दो या अधिक खुराक के साथ प्रत्येक देश में 40 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण करने का लक्ष्य पूरा किया गया होता तो और 5,99,300 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। अध्ययन में 8 दिसंबर 2020 से 8 दिसंबर, 2021 के बीच रोकी गई मौतों की संख्या का अनुमान लगाया गया।

    इंपीरियल कॉलेज लंदन के प्रोफेसर और अध्ययन के मुख्य लेखक ओलिवर वाटसन ने कहा कि भारत के लिए हमारा अनुमान है कि इस अवधि में टीकाकरण से 42,10,000 मौतों को रोका गया। यह हमारा केंद्रीय अनुमान है। इस अनुमान में अनिश्चितता 36,65,000-43,70,000 के बीच है। इस मॉडलिंग अध्ययन से पता चलता है कि भारत में टीकाकरण अभियान ने लाखों लोगों की जान बचाई है।

    ओलिवर वाटसन ने कहा कि ये अनुमान COVID-19 महामारी के दौरान भारत में मृत्यु के अनुमानों पर आधारित हैं। इसे हमने द इकोनॉमिस्ट से लिया है। यह WHO द्वारा बताए गए अनुमानों के समान है। द इकोनॉमिस्ट के अनुमान के अनुसार मई 2021 की शुरुआत तक भारत में COVID-19 से 23 लाख लोगों की मृत्यु हुई, जबकि आधिकारिक आंकड़े लगभग 2 लाख थे। डब्ल्यूएचओ ने पिछले महीने अनुमान लगाया था कि भारत में 47 लाख लोगों की मौत कोरोना से हुई। भारत सरकार ने इस दावे का खंडन किया है।

  • सबसे महंगी तलाक लेने जा रहा है ये शख्स, कर चुका है 4 शादी

    ऑस्ट्रेलियाई-अमेरिकी बिजनेस टाइकून और मीडिया मुगल के नाम से पूरी दुनिया में फेमस रुपर्ट मर्डोक (Rupert Murdoch) 91 साल की उम्र में तलाक लेने जा रहे हैं। वो चौथी बार तलाक लेने वाले हैं। रुपर्ट अपनी सुपरमॉडल पत्नी जेरी हॉल (jerry hall) से अलग होंगे। दोनों ने यह फैसला मिलकर किया है। माना जा रहा है कि यह सबसे महंगा तलाक हो सकता है।

    बता दें कि दुनिया के सबसे अमीर शख्सियत में शुमार रुपर्ट मर्डोक साल 2016 में जेरी हॉल से चौथी शादी की थी। शादी के 6 साल बाद दोनों अलग हो रहे हैं। रिपोर्ट की मानें तो रुपर्ट 14 बिलियन संपत्ति के मालिक हैं। यानी 1.3 लाख करोड़ की प्रॉपर्टी उनके पास हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे महंगा तलाक होगा। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ में छपी खबर के अनुसार वो जल्द ही तलाक की अर्जी दाखिल करेंगे।

    रुपर्ट मर्डोक एक नहीं बल्कि चार शादियां कर चुके हैं। कोई भी रिश्ता उनका ज्यादा लंबा नहीं चला। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी पहली शादी पैट्रिसिया बुकर से हुई थी। 1956 में दोनों की शादी हुई और 1967 में दोनों अलग हो गए। इसके बाद मर्डोक ने दूसरी शादी 1967 में ही अन्ना मारिया टोर्व से की। यह शादी 1999 में तक चली। इसके बाद उन्होंने तीसरी शादी 1999 में की जो 2013 तक चली। इसके बाद उन्होंने ‘बैटमैन’ और ‘द ग्रैजुएट’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकी हैं जेरी हॉल से साल 2016 में की। वो उनसे 30 साल छोटी थीं। लेकिन यह शादी भी नहीं टिक पाई।

    डिवोर्स में पति को पत्नी को मुआवजा देना पड़ता है। ऐसे में माना जा रहा है कि रुपर्ट मर्डोक जो 14 बिलियन संपत्ति के मालिक हैं उन्हें बड़ी रकम जैरी हॉल को देना पड़ सकता है। हालांकि अभी इसके बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। बता दें कि अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस का तलाक सबसे महंगा अब तक रहा है। उन्हें मैकेंजी बेजोस को तलाक देने पर 38 अरब डॉलर यानी करीब 2.6 लाख करोड़ रुपये देने पड़े थें।

  • Happy birthday leonel messi : कभी नही थे इलाज के पैसे, आज है दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ियों में से एक

    फुटबॉल के महान फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक लियोनेल मेस्सी (Lionel Messi) 24 जून को अपना 35 वां जन्मदिन मना रहे हैं। वह अर्जेंटीना और पीएसजी के लिए फुटबॉल खेलते है। हालांकि अपने खेल के अलावा वो अपनी आलीशान जिंदगी के लिए भी हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। फिलहाल वह अपनी पत्नी एंटोनेला रोकुज्जो (Antonella Roccuzzo) और बच्चों के साथ समुद्र तट पर छुट्टियां मनाने इबीसा गए हैं। आइए आज उनके जन्मदिन पर हम आपको बताते हैं, कि कैसी लाइफ जीते है दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ियों में से एक मेस्सी…

    लियोनल मेस्सी का पूरा नाम लुइस लियोनेल एंड्रेस है। उनका जन्म 24 जून 1987 को अर्जेंटीना के रोसारियो में हुआ था। उनके पिता एक स्टील फैक्ट्री में काम किया था। लेकिन बचपन से ही उन्होंने मेस्सी को फुटबॉल खेलने दिया।

    जब वह 10 साल के थे, तो उन्हें अपने शरीर में हार्मोन की कमी का पता चला था। परिवार के लिए उनके इलाज का खर्चा उठा पाना संभव नहीं था, तो उन्होंने फुटबॉल क्लबों का सहारा लिया और उनकी मदद से अपना इलाज करवाया। यही वह स्पेन में फुटबॉल क्लब बार्सिलोना से जुड़ गए।

    कभी इलाज करवाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे, लेकिन आज अपने बेहतरीन खेल के चलते वह दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ियों में से एक है। Forbes की साल 2021 की लिस्ट के अनुसार उन्होंने 130 मिलियन डॉलर यानी 9 अरब, 56 करोड़, 30 लाख, 86 हजार रुपए कमाए हैं।

  • स्किन के लिए बहुत लाभकारी है ये फूल, जानें इससे क्या क्या है फायदे

    गुड़हल के पेड़ ज्यादातर लोगों अपनी गार्डनिंग करने के लिए इश्तेमाल् करते है। वहीं गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल भी अलग-अलग तरह से किया जाता है| पूजा की थाली से लेकर हेयर केयर रूटीन तक में गुड़हल के फूल का इस्तेमाल काफी आम होता है| लेकिन क्या आप स्किन केयर में गुड़हल के फूलों से होने वाले फायदों से वाकिफ हैं| ये फूल आपके बालों को बेहद सॉफ्ट और शिल्की बना देगा। जी हां, हेयर फॉल रोकने का रामबाण इलाज माना जाने वाला गुड़हल का फूल (Hibiscus flower) त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद होता है.आप इस बात को इश्तेमाल् करके ही मानेंगे।

    दरअसल औषधीय तत्वों से युक्त गुड़हल के गुणों से ज्यादातर लोग अंजान रहते हैं| मगर, बता दें कि जहां गुड़हल के फूल बालों को हेल्दी बनाने में मददगार होते हैं| वहीं गुड़हल के फूलों का उपयोग गर्मियों में दमकती त्वचा का भी ग्लोइंग सीक्रेट बन सकता है| तो आइए हम आपको बताते हैं त्वचा पर गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल और इसके कुछ अद्भुत फायदों के बारे में|

    गुड़हल के फूलों के साथ दही का फेस पैक
    गर्मियों में ग्लोइंग स्किन पाने के लिए गुड़हल के फूलों को सुखाकर पीस लें| अब 1 चम्मच गुड़हल के फूलों के पाउडर में 1 चम्मच दही मिलाकर पेस्ट बनाएं| इस पेस्ट को फेस पर लगाएं और 15 मिनट बाद साफ पानी से धो लें| बता दें कि, गुड़हल के फूल और दही का मिक्चर त्वचा को मॉइश्चराइज करके ग्लो लाने में मददगार होता है|

  • बहुत ही उतार चढ़ाव भरी रही है द्रौपदी मुर्मू की जिंदगी… ऐसे बदली किस्मत

    भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की तरफ से झारखंड की पूर्व राज्यपाल रहीं द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। बुधवार की सुबह से ही द्रौपदी मुर्मू के ओड़िशा के रायरंगपुर स्थित आवास के बाहर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। आज हर भरतीय उनके बार में सर्च कर रहा है। लेकिन कम लोगों को पता है कि उनकी जिंदगी बहुत ही दर्दभरी रही है। बचपन से लेकर अब तक उनका काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है।

     

    पति और अपने दोनों बेटों को खोने के बाद टूट चुकी थीं….

     

    दरअसल, द्रौपदी मुर्मू मूल रुप से ओडिशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव की रहने वाली हैं। वह आदिवासी संथाल परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनका जन्म 20 जून 1958 को जिले के बैदापोसी गांव में हुआ था। द्रौपदी मुर्मू का विवाह श्याम चरण मुर्मू से हुआ था। जिसके बाद उन्हें दो बेटे और एक बेटी हुई, सब ठीक चल रहा था, लेकिन हादसों में उनके पति और दोनों बेटों को खो दिया। इन हादसों के बाद वह पूरी तरह से टूट चुकी थीं, लेकिन उन्होंने बेटी की खातिर हिम्मत नहीं हारी और दर्दभरे जीवन से खुद को निकाल लिया।

    5 साल के अंदर द्रौपदी मुर्मू का पूरा परिवार हो चुका था खत्म

    बता दें कि शादी के कुछ दिन बाद ही उनके बड़े बेटे की साल 2009 में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह किसी तरह इस सदमे से बाहर आ ही रही थीं कि तीन साल बाद 2012 में फिर एक दर्दनाक सड़क एक्सीडेंट में दूसरे बेटे की भी जान चली गई। इसके बाद टेंशन और तनाव के चलते पति श्याम चरण मुर्मू का कार्डियक अरेस्ट के कारण पहले ही निधन हो चुका था। अब सिर्फ द्रौपदी मुर्मू की एक बेटी ही बची थी जिसके लिए उन्हें जीना था।

    दो बार नौकरी छोड़ने के बाद बदली किस्मत

    द्रौपदी मुर्मू अपनी बेटी के लिए एक बार फिर खड़ी हुईं और घर चलाने व बेटी की पढ़ाई के लिए एक टीचर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद यह नौकरी छोड़कर उन्होंने ओडिशा के सिंचाई विभाग में एक क्लर्क की जॉब शुरूआत की। लेकिन यहां भी उनका ज्यादा समय तक मन नहीं लगा, उनकी जिंदगी में तीन बार दुुखों का पहाड़ टूटा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। दो नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने राजनीति का रुख किया और यहीं से उनकी किस्मत ने बदलना शुरू कर दिया।

    पार्षद से बनी मंत्री और राज्यपाल और बनेंगी राष्ट्रपति

    साल 1997 में पहली बार निगम पार्षद के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत गईं। इसके बाद प्रदेश की राजनीती में उनकी दिलचस्पी हुई और ओडिशा के रैरंगपुर विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव लड़ा और दो बार बीजेपी विधायक बनीं। फिर 2000 से 2004 के बीच नवीन पटनायक सरकार में उनको मंत्री बनाया गया। राज्य से निकलकर वर केंद्र की राजनीति में आईं औरनरेंद्र मोदी सरकार ने उन्हें 2015 में झारखंड का राज्यपाल बनाया गया। एक साल पहले उनका कार्यकाल समाप्त हुआ है और अब बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना दिया।

  • पढ़ाई में कमजोर होने के चलते बनना चाहते थे कबाड़ी, अब है आईएएस ऑफिसर

    किसी भी काम को इतनी शिद्दत से करो कि सफलता तुम्हारी हो जाए। इस लाइन के एक-एक शब्द को सच कर दिया है उत्तराखंड(Uttarakhand) के मसूरी (Mussoorie) के एक लड़के ने। उसने अपनी मेहनत को उस ऊंचाई तक पहुंचाया कि आज उसकी गिनती देश के तेज-तर्रार IAS ऑफिसर्स में होती है। कभी पढ़ाई-लिखाई में कमजोर रहे दीपक रावत (Deepak Rawat) की आज तगड़ी फैन-फॉलोइंग है। उनकी स्टाइल के खूब चर्चे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके अच्छे-खासे फॉलोवर्स हैं। यूट्यूब पर उनकी फील्ड विजिटिंग काफी फेमस है तो लोग उनके गाने के भी दीवाने हैं।

    एक यू-ट्यूब चैनक को दिए इंटरव्यू में IAS दीपक रावत ने बताया कि वह पढ़ाई में काफी कमजोर थे। कई बार उन्हें डांट सुननी पड़ती थी। इसीलिए वह कबाड़ी वाला (स्क्रैप डीलर) बनना चाहते थे। उन्होंने बताया कि जब वे छोटे थे तब टूथपेस्ट के पैकेट, खाली डिब्बे, टूटे-फूटे सामान लेकर घर के बाहर दुकान लगाते थे। जब उनसे घर के लोग पूछते कि बड़े होकर क्या बनोगे तो वे कहते कि मैं कबाड़ी वाला बनना चाहता हूं।

    दीपक रावत ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा करते हुए बताते हैं कि जब वे दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से इतिहास में ग्रेजुएशन कर रहे थे तब उनकी मुलाकात विजेता सिंह नाम की लड़की से हुई। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और बाद में शादी कर ली। दोनों के दो बच्चे भी हैं, बेटी दिरिशा और बेटे दिव्यांश।

    दीपक का जन्म 1977 में मसूरी में हुआ था। यहीं से उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई की। इसके बाद ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली चले गए। दीपक ने हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू की और साथ ही UPSC की तैयारी भी। पहले दो अटेम्पट में उन्हें असफलता मिली लेकिन वे निराश नहीं हुए और तीसरी बार में सफलता हासिल कर ली।

  • डायबिटीज वाले लोगों को करनी चाहिए ये पाँच एक्सरसाइज, होगा बहुत फ़ायदा

    शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में एक्सरसाइज काफी मददगार होती है। यह ना सिर्फ आपको स्वस्थ बल्कि फुर्तीला भी बनाती है। एक्सरसाइज सिर्फ शरीर ही नहीं मन को भी स्वस्थ रखने में सहायक होती है। ऐसे में हर किसी को अपने रूटीन में वर्कआउट जरूर शामिल करना चाहिए। डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी एक्सरसाइज से काफी राहत मिलती है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है ऐसे लोगों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट यानी रोजाना 21 मिनट एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए। इससे आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होगा।

    खासकर हल्की एक्सरसाइज डायबिटीज को कंट्रोल करने में काफी उपयोगी होती हैं। यानी यह सोचना कि केवल हैवी एक्सरसाइज ही शरीर को आराम पहुंचाती हैं तो गलत होगा। डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आप अपने रूटीन में कई तरह की एक्सरसाइज कर सकते हैं। जिनमें जॉगिंग से लेकर रनिंग, योगा और अन्य कई तरह के वर्कआउट शामिल हैं। कौन-सी हैं वह एक्सरसाइज जो आप अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं चलिए बताते हैं-

    गार्डनिंग: गार्डनिंग एक ऐसी एक्सरसाइज है जो आपके शरीर को बहुत फायदा देती है। क्योंकि इसमें आपके जोड़ों का बहुत काम होता है। आप बार-बार बैठते हैं या गड्ढा खोदते हैं। ये सभी एक्टिविटीज एरोबिक्स टाइप की एक्टिविटीज हैं जिससे आपकी स्ट्रेंथ बनी रहती है। इसका सबसे ज्यादा फायदा है कि पेड़ों के साथ रहने से आपका स्ट्रेस लेवल कम होता है।

    योगा और प्राणायम: ये दोनों करने से आपका मोटापा, ब्लड शुगर लेवल काफी हद तक नियंत्रित हो जाता है। इससे आपके शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है। आपको ध्यान रखने वाली बात है कि हमेशा किसी क्वालिफाइड योगा टीचर से सीखकर ही करना चाहिए। क्योंकि गलत योगा करने से कोई फायदा नहीं होता है।

    सीढ़ियां चढ़ना और उतना: घर या ऑफिस की सीढ़ियां चढ़ने से भी ब्लड फ्लो बढ़ता है। इससे शरीर में इंसुलिन ज्यादा बनता है। जिससे आपके ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित किया जाता है। लेकिन जिन मरीजों के  जोड़ों का दर्द होता है या कोई परेशानी है तो उन्हें इस एक्सरसाइड को बिल्कुल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे आपके जोड़ों पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है और कई बार ऐसा करने से परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है।

    साइकलिंग: इससे आपका लोअर बॉडी पार्टी लगातार काम करता है तो आपके शरीर में ब्लड प्रेशर का लेवल नियंत्रित रहता है। यही वजह है कि शरीर के लिए इंसुलिन प्रोड्यूस करना भी काफी आसान हो जाता है। कोशिश करें कि रोज़ाना कम से कम 10 मिनट साइकलिंग करें।

  • ये खबर पढ़ कर आप भी नही रखेंगे अपने बच्चे के लिए बेबी सीटर, पढ़िए चौकाने वाला मामला

    एक कामकाजी दंपती अपने बच्चे को नौकरानी के भरोसे छोड़कर जाते थे। मगर मां-बाप के नहीं रहने के दौरान वह नौकरानी बच्चे के साथ जो कर रही थी, उसे जानकर हर कोई दंग रह गया। दरअसल, बच्चे की मां क स्कूल में टीचर है, इसलिए वह बच्चे को नौकरानी के साथ घर में छोड़कर जाती थी।

    यह हैरान और परेशान करने वाला मामला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले का है। यहां एक मां-बाप ने अपने बच्चे की देखभाल के लिए नौकरानी रखा हुआ था, मगर यह क्रूर नौकरारनी बच्चे पर सितम ढा रही थी। यह बात मासूम बच्चा अपनी मां को नहीं बता पाता, मगर उसकी हालत हर रोज बिगड़ती जा रही थी।

    दरअसल, महिला स्कूल में टीचर है और अपने ढाई साल के बच्चे की देखभाल के लिए नौकरानी रखी हुई थी। यह नौकरानी मां-बाप के जाने के बाद बच्चे को परेशान करना शुरू करती। बच्चा उसे तंग नहीं करे या फिर बच्चे के खेलने-खिलाने के झंझट से मुक्ति के लिए नौकरानी उसे तुरंत सुलाने की कोशिश करती, मगर जब वह इसमें सफल नहीं हो पाई, तब उसने बच्चे को भांग की गोली देनी शुरू कर दी।

    नौकरानी बच्चे के दूध में भांग मिला देती थी, जिसे पीकर बच्चा सो जाता था। मां जब स्कूल से आती तो बच्चा सोया हुआ मिलता। यह क्रम रोज का होने लगा। बच्चा जब उठता तो बोझिल रहता। इसके अलावा, वह धीरे-धीरे चिड़चिड़ा भी होता जा रहा था। तब मां को शक हुआ। महिला ने नौकरानी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने कबूल कर लिया कि वह बच्चे को दूध में भांग मिलाकर देती थी, जिससे बच्चा सोया रहता था और उसे तंग नहीं करता था।

  • ज्यादा गुस्सा आए तो आजमाए ये टिप्स, मिलेगा लाभ

    आज कल के व्यस्त ज़िंदगी मे कोई भी अपने आप के उपर समय नही दे पता। क्रोध एक सामान्य स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। जो कभी भी किसी को बिना बताये आ जाती है।  हालांकि यदि आपको बार-बार, हर छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आता रहता है, तो आप कुछ योग का सहारा ले सकते है। आपका गुस्सा, काम और निजी संबंधों को प्रभावित करने लगे तो अलर्ट हो जाना चाहिए। अधिक गुस्सा आने की समस्या आपके मूड और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। ऐसी स्थितियों में क्रोध को नियंत्रित करने और मन को शांत रखने वाले उपाय करने की सलाह दी जाती है। अधिक क्रोध वाले व्यक्ति को सामाजिक और व्यवहारिक जीवन में भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक क्रोध की समस्या से परेशान लोगों के लिए जीवनशैली में योगासनों को शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। योगासन न सिर्फ आपके मन को शांत और स्थिर करने में मदद करते हैं, साथ ही यह गुस्से की भावना को कम करने में भी आपके लिए मददगार हो सकते हैं।

    दैनिक जीवन में योगाभ्यास की आदत बनाने वाले लोगों में गुस्से से संबंधित समस्याओं का जोखिम कम होता है। आइए जानते हैं कि किन योगासनों के अभ्यास की आदत आपके लिए फायदेमंद हो सकती है?

    बालासन या चाइल्ड पोज

    बालासन योग के अभ्यास की आदत आपके मन को शांत करने में काफी मददगार मानी जाती है। यह भावनाओं को नियंत्रित करके नकारात्मकता को कंट्रोल करने में  आपके लिए फायदेमंद है। इस योग का अभ्यास आपके मन-शरीर के संबंध में भी सुधार करता है। नियमित रूप से बालासन योग के अभ्यास की आदत बनाकर गुस्से को कंट्रोल किया जा सकता है। यह पीठ और पेट की मांसपेशियों के लिए भी काफी फायदेमंद आसन है।

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