Month: June 2022

  • बांग्लादेश : कोविड महामारी के बाद ड्रैगन पसार रहा पाव

    कोविड महामारी के बाद हर देश के अर्थव्यवस्था में बहुत ही कमी देखि गयी है।अर्थव्यवस्था में रूकावट से उबरने की कोशिश तो वैसे सभी देश कर रहे हैं, लेकिन छोटे देशों पर इसका काफी खराब असर पड़ा है। वहीं, कोविड महामारी को जन्म देने वाला चीन, इस आपदा को अपने लिए फायदे में बदलने की कोशिश कर रहा है और उसकी सबसे ज्यादा नजर भारत के पड़ोसी देशों पर है। श्रीलंका को कर्ज देकर कंगाल बनाने के बाद अब चीन भारत के एक और अहम पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी तेजी से अपने पैर पसारने की कोशिश कर रहा है, जिसके बाद सवाल ये उठ रहे हैं, कि आखिर चीन को भारत सरकार कैसे रोक सकती है.

    बांग्लादेश में पैर पसारता चीन
    बांग्लादेश में कोविड-19 महामारी के बाद आर्थिक सुधार के लिए चीन खुद को एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन चीन जिस तरह से आर्थिक साझेदारी करता है, वो मदद प्राप्तकर्ता देशों के लिए गले के फांस के तौर पर काम करता है। बांग्लादेश लाइव न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 3 मई को बांग्लादेश में चीनी राजदूत ली जिमिंग ने महामारी का सामना करने के बावजूद अपने विकास की प्रवृत्ति को सफलतापूर्वक जारी रखने के लिए ढाका की सराहना की है, और यहां तक कि देश के कोरोनावायरस महामारी से निपटने का श्रेय भी उन्होंने चीन को दिया है। चीनी राजदूत ने कहा था, ‘यह मुझे बहुत प्रेरित करता है और मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि चीन ने आपकी इस महान उपलब्धि में उचित योगदान दिया है।”

    बांग्लादेश के लिए चीन का जाल
    चीनी राजदूत का ये बयान दिखा सकता है, कि चीन, बांग्लादेश का एक विश्वसनीय आर्थिक भागीदार है लेकिन इसका टैक्स चोरी और धोखाधड़ी का अलग तस्वीर पेश करता है। चीनी संचालित भ्रष्टाचार बांग्लादेशी व्यापारिक उद्यमों, यहां तक कि सरकारी लेनदेन की कई परतों में प्रवेश कर गया है। पिछले साल, मेगाप्रोजेक्ट्स में धन के गबन का मामला सुर्खियों में आने के बाद, बांग्लादेश के अधिकारियों ने चीनी सरकार को तीन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए कर्ज लेने से इनकार कर दिया था। चीन, बांग्लादेश को कर्ज देकर रेलवे समेत कई और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कर्ज देना चाहता था, लेकिन चीन का वो कर्ज बांग्लादेश के सरकारी अधिकारियों के पास पहुंच गया। इसके साथ ही बांग्लादेश में एक चीनी परियोजना में बांग्लादेशी मजदूरों को काफी प्रताड़ित किया जाता है और उनके साथ मारपीट भी की जाती है। एक मजदूर की पिटाई के बाद इतनी स्थिति बिगड़ गई थी, कि बांग्लादेश लाइव न्यूज के अनुसार, उसे बेकरगंज उपजिला स्वास्थ्य परिसर में भर्ती कराया गया था।

  • कियारा को अपने दूल्हे में चाहिए ये सारी खूबियां

    बॉलीवुड एक्ट्रेस कियारा आडवाणी आज कल की ड्रीम गर्ल के रूप में उभर कर आयी है। कियारा आडवाणी लगातार अपने फैंस को अपने लुक का दीवाना बना चुकी है। कियारा का करियर का ग्राफ बहुत तेजी से ऊपर जा रहा है। ‘कबीर सिंह’ फेम एक्ट्रेस अभी तक ‘गुड न्यूज’, ‘लक्ष्मी’, ‘शेरशाह’ और ‘भूल भुलैया 2’ जैसी फिल्मों में अपने एक्टिंग से लोगो को अपना दीवाना बना चुकी है। आने वाले वक्त में वह ‘जुग जुग जियो’, ‘गोविंदा नाम मेरा’ और ‘RC15’ जैसी फिल्मों में नजर आएंगी। वर्क फ्रंट के अलावा कियारा आडवाणी अपनी निजी जिदंगी को लेकर भी लगातार सुर्खियों में बनी रहती हैं।

    सिद्धार्थ को सुननी चाहिए कियारा की बात!
    कियारा आडवाणी के सिद्धार्थ मल्होत्रा संग रिलेशनशिप में होने की खबरें लगातार आती रही हैं। हालांकि दोनों ही सितारों ने इन खबरों की कभी पुष्टि नहीं की है लेकिन फिर भी सोशल मीडिया पर आने वाली तस्वीरें कुछ न कुछ हिंट तो देती ही हैं। अब कियारा आडवाणी ने एक इंटरव्यू में बताया है कि उन्हें कैसा लाइफ पार्टनर चाहिए, और अगर सिद्धार्थ-कियारा के बीच कुछ है तो कियारा की ये बात सिद्धार्थ को जरूर सुननी चाहिए।

    होने वाले पति में चाहिए ये सारी खूबियां
    कॉस्मोपॉलिटियन के साथ बातचीत में कियारा आडवाणी ने कहा, ‘मैं अपने लाइफ पार्टनर में सच्चाई, मेरे प्रति फिक्र और कुछ दिलचस्प चीजें देखना चाहूंगी।’ कियारा आडवाणी ने कहा कि किसी भी रिश्ते में अंडरस्टैंडिंग, इज्जत, सच्चाई और विश्वास जैसी चीजें होना बहुत जरूरी होती हैं। इसके अलावा अगर लड़के का सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा हो तो सोने पर सुहागा होगा।

    ‘चाहूंगी कि वह मुझे प्यार महसूस कराए’
    कियारा आडवाणी ने अपने लाइफ पार्टनर की खूबियां बताते हुए कहा कि वह वह चाहेंगी कि उनका होने वाला हसबैंड कभी भी उन्हें टेकेन एज ग्रांटेड नहीं ले और उनकी बात सुने, उनकी ओर देखे और उन्हें प्यार महसूस करवाए। बता दें कि कियारा आडवाणी को रियल सक्सेस फिल्म ‘कबीर सिंह’ के ब्लॉकबस्टर होने के बाद मिली थी।

  • भारत की चाय में इसकी मात्रा अधिक, कई देशों ने लौटाई चाय

    भारतीय चाय निर्यातक संघ (ITEA) के अध्यक्ष अंशुमान कनोरिया ने द्वारा कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खरीदारों ने कीटनाशकों और रसायनों की तय सीमा से अधिक होने के कारण चाय को वापस लौटा दिया है। वैश्विक चाय बाजार में श्रीलंका की स्थिति कमजोर पड़ने पर भारतीय चाय बोर्ड निर्यात में तेजी लाने पर विचार कर रहा है।

    कनेरिया ने पीटीआई से बातचीत में बताया की देश में बेची जाने वाली सभी चाय भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानदंडों के अनुरूप होनी चाहिए। हालांकि, अधिकांश खरीदार चाय खरीद रहे हैं जिसमें रासायनिक सामग्री असामान्य रूप से मिलायी जा रही है।

    कनेरिया ने आगे बताया है कि कानून का पालन करने के बजाय कई लोग सरकार से FSSAI मानदंडों को और अधिक उदार बनाने का आग्रह कर रहे हैं लेकिन यह एक गलत संकेत देगा क्योंकि पेय को स्वास्थ्य पेय माना जाता है।

    बोर्ड का लक्ष्य 30 करोड़ किलो चाय का निर्यात

    कनोरिया ने बताया है कि कई देश चाय के लिए सख्त नियमों का पालन कर रहे हैं। अधिकांश देश यूरोपीय यूनियन के मानकों का पालन करते हैं जो कि FSSAI नियमों से अधिक कठोर हैं। बता दें कि 2021 में भारत ने 195.90 मिलियन किलोग्राम चाय का निर्यात किया। प्रमुख खरीदार स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (CIS) देश और ईरान थे। बोर्ड का लक्ष्य इस साल 30 करोड़ किलोग्राम चाय का निर्यात करना हासिल करना है। भारत ने 2021 में 5,246.89 करोड़ रुपये की चाय का निर्यात किया है।

  • धड़ल्ले से हो रहा है अवैध तरीके से बालू का खनन

    गिरिडीह- जिला के देवरी प्रखंड अंतर्गत सोनरे नदी एवं बरमसिया ( लोही ) नदी से इन दिनों बालू की अवैध तरीके से बालू खनन माफिया के द्वारा किया जा रहा है । जिससे सरकार को प्रति वर्ष लाखों रुपए की राजस्व की क्षति हो रही है । स्थानीय लोगों के अनुसार देवरी प्रखंड के नोनियांतरी में आश्रम विद्यालय का निर्माण कार्य में अवैध तरीके से बालू की आपूर्ति किया गया । वहीं फतेहपुर से बोंगी ( बिहार बोर्डर ) भाया भेलवाघाटी तक रोड निर्माण में अवैध तरीके से बालू आपुर्ति किया जा रहा है । इतना ही नहीं बिहार बोर्डर सीमा से सटे बोंगी में भी हाई स्कूल भवन एव़ं रोड , पुल पुलिया का निर्माण कार्य में सोनरे एवं ( बरमसिया )लोही नदी से ही बालू खनन कर आपुर्ति किया जा रहा है ।

    सवाल उठता है कि लम्बे समय से इन नदियों से बालू खनन किया जा रहा है । इसके बाद भी बालू खनन पर रोक लगाने से जिला प्रशासन मौन क्यों हैं ? आखिर कब तक यह अवैध खनन का खेल चलता रहेगा और इस खेल में कौन-कौन से अधिकारियों एवं सफेद पोश नेताओं का हाथ है । सरकार अवैध खनन को रोकने के लिए राज्य से लेकर पंचायत तक अभियान चला रखी है । इसके बावजूद भी इन क्षेत्रों में अवैध खनन जोरो पर चल रही है ।

  • अगर गर्मियों में खाते है लहसुन तो आप भी पढ़ सकते है मुसीबत में

    लहसुन सेहत के लिए बेहद उपयोगी होता है| लेकिन गर्मियों में लहसुन का सेवन करना चाहिए या नहीं, इसको लेकर अक्सर लोगों के मन में भ्रम रहता है| आज का हमारा लेख इसी सवाल पर है| जानें गर्मियों में लहसुन खाने के फायदे

    हमारी रसोई में कई ऐसी चीजें मौजूद हैं, जिनके इस्तेमाल से सेहत को कई फायदे हो सकते हैं| उन्हीं चीजों में से एक है लहसुन. लहसुन के सेवन से सेहत से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो सकती हैं| इसके अंदर पाए जाने वाले पोषक तत्व लहसुन को बेहद प्रभावशाली बनाते हैं. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या गर्मियों में लहसुन का सेवन कर सकते हैं| बता दें कि गर्मियों में लहसुन के सेवन से लोगों को कई फायदे नुकसान हो सकते हैं. आज का हमारा लेख इसी विषय पर है| आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि लहसुन के सेवन से गर्मियों में करना चाहिए या नहीं और इसके सेवन से क्या क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं|

    गर्मियों में लहसुन खाने के फायदे?

    1. गर्मियों में लहसुन खाने से दांतों में दर्द से छुटकारा मिल सकता है इसके अंदर एंटीबैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो दांतो के दर्द से राहत दिला सकते हैं|
    2. सांस से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में भी लहसुन आपके लिए बेहद उपयोगी है. गर्मियों में लहसुन के सेवन से संबंधित समस्याओं से भी छुटकारा मिल सकता है|
    3. पेट संबंधी समस्या को दूर करने में भी लहसुन बेहद उपयोगी है. लहसुन के सेवन से ना केवल शरीर को डिटॉक्स किया जा सकता है बल्कि अपच के लक्षणों को भी कम किया जा सकता है|

    गर्मियों में लहसुन खाने के नुकसान?

    जैसा कि हमने पहले भी बताया लहसुन की तासीर गर्म होती है| ऐसे में यदि आप गर्मियों में अधिक लहसुन का सेवन करते हैं तो इससे पेट संबंधित समस्याएं हो सकती हैं| इसके अलावा व्यक्ति को एलर्जी भी महसूस हो सकती है. ऐसे में आप गर्मियों में लहसुन का सेवन सीमित मात्रा में ही करें| अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से बचें|

  • पिकअप वाहन की चपेट में आने से सहायक शिक्षक हुआ गभिर रूप से जख्मी

     झारखंड- तिसरी प्रखंड अंतर्गत भंडारी पंचायत के गादी ग्राम स्थित कनोदवा पुल के समीप सुक्रवार को अज्ञात पिकअप वाहन के चपेट में आने से बरवाडीह पंचायत के तेतरिया निवासी तेतरिया मध्य विद्यालय के सहायक शिक्षक अनिल यादव 45 वर्षीय गंभीर रूप से घायल हो गया । ग्रामीणों के सहयोग से 108 एंबुलेंस के सहयोग से इलाज हेतु राजकीय अस्पताल तिसरी लाया गया । राजकीय अस्पताल में सहायक चिकित्सक डॉक्टर महेस्वरम,डॉक्टर नटराजन और कंपाउंडर चंदन कुमार के सहयोग से इलाज करने के उपरांत गिरिडीह रेफर करते हुए गांवा प्रखंड के 108 एंबुलेंस से गिरिडीह भेजा गया ।

    डॉक्टर महेश्वरम ने बताया मरीज के सर में गंभीर चोटे आई है । बहुत ज्यादा खून बहा है । इन्हे सिटी स्कैन कराने के उपरांत बेहतर इलाज की आवश्यकता है| जिस कारण गिरिडीह रेफर किया गया है । बताया गया सहायक शिक्षक अनिल यादव मध्य विद्यालय तेतरिया से बच्चो को पढाने के उपरांत छुट्टी होने पर दोपहर में तिसरी बीआरसी कार्यालय जाने के क्रम में अचानक कनोदवा पुल मोड़ के पास बोलेरों पिकअप ने अपने चपेट में ले लिया |

  • झारखंड आंदोलनकारियों को CM हेमंत और शिबू सोरेन ने सम्मान देने की की शुरुआत

    रांची । झारखंड के अलग राज्य आंदोलन के सभी आंदोलनकारियों का पहचान कर के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन शुभारंभ संयुक्त रूप से किया| इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में कुछ हजार ही आंदोलनकारी हैं, यह मानना बहुत ही गलत है. जेल में जाने वाले, आंदोलन में डुगडुगी बजाने वाले, तीर-कमान बनाने वाले भी आंदोलनकारी ही खेलाते हैं| मुख्यमंत्री ने कहा की उन सबको सम्मान मिलना चाहिए| प्रक्रिया को सुगम बनाते हुए सरकार सभी को सम्मान देगी।

    CM हेमंत सोरेन माइनिंग लीज आवंटन मामले में 10 जून को सुनवाई

    रांची : झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रविरंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन माइनिंग लीज आवंटन एवं सीएम के करीबियों के शेल कंपनियों में निवेश मामले में आज सुनवाई कर सकती है | इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून होने की बात कही जा रही है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की दलील खारिज की और कहा कि ये याचिका मेंटेनेबल है|

    बोकारो में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान

    बोकारो (मुकेश झा) : जियाडा के लोहांचल में बन रहे सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सामने आज अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया| अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान लोगों के घर को प्रशासन ने जेसीबी से तोड़कर जमींदोज कर दिया| चास अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के मुताबिक जिस जगह पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, वहां लगभग 20 से 25 परिवार रह रहे थे| इन्हें पूर्व में कई बार जगह खाली करने को लेकर नोटिस दिया गया था|

  • देश के इस शहर में अब शराब की होगी 10 मिनट मे डिलीवरी

    कोलकाता- आपने विदेश मे 10 मिनिट डिलीवरी तो सुना ही होगा लेकिन आप जान कर हैरान हो जायेंगे की कोलकाता मे बहुत लम्बे समय से ग्रॉसरी की डिलीवरी 10 मिनट मे हो जाती है।aab पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रहने वाले शराबप्रेमियों के लिए भी एक बहुत ही अच्छी खबर है. जहां देश के अन्य महानगरों में अभी सभी लोगों को 10 मिनट में ग्रॉसरी डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है, कोलकाता में रहने वाले लोग अब ऑनलाइन ऑर्डर कर महज 10 मिनट में घर बैठे शराब की डिलीवरी पा सकते हैं. एक स्टार्टअप कंपनी ने ये सर्विस शुरू की है.

    अभी कहीं और नहीं है ऐसी सर्विस

    पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों ने कोविड महामारी के दौरान शराब की होम डिलीवरी की मंजूरी दी. हालांकि अभी तक शायद ही कहीं 10 मिनट में शराब की डिलीवरी की सर्विस उपलब्ध है. इनोवेंट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के फ्लैगशिप ब्रांड बूजी का भी यही दावा है कि वह 10 मिनट में शराब डिलीवर करने वाला भारत का पहला प्लेटफॉर्म है. कंपनी ने बयान में बताया कि पश्चिम बंगाल स्टेट एक्साइज डिपार्टमेंट से मंजूरी मिलने के बाद कोलकाता में ये सर्विस लॉन्च की गई है.

    इस तरह काम करता है बूजी

    बयान में कहा गया है, ‘बूजी एक डिलीवरी एग्रीगेटर है, जो नजदीकी दुकान से शराब पिक करता है और इनोवेटिव एआई का इस्तेमाल कर ग्राहकों को 10 मिनट में डिलीवर कर देता है. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ग्राहकों के व्यवहार और उनके ऑर्डर करने के पैटर्न का पहले ही अनुमान लगा लेता है.’ कंपनी ने कहा कि उसने बी2बी लॉजिस्टिक मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म तैयार किया है. यी डिलीवरी की लागत को कम से कम करने में मदद करेगा. इसके अलावा यह बूजी को एक किफायती प्लेटफॉर्म भी बनाएगा.

    सीईओ ने दूर की ये चिंताएं

    बूजी के को-फाउंडर एवं सीईओ विवेकानंद बालीजेपल्ली ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘हम पश्चिम बंगाल सरकार के द्वारा एग्रीगेटर्स के लिए दरवाजे खोलने का स्वागत करते हैं. यह कदम कंज्यूमर डिमांड और बाजार की मौजूदा सप्लाई की खाई को पाटने में मददगार होगा.’ उन्होंने ये भी कहा कि शराब की डिलीवरी से जो आम चिंताएं जुड़ी हैं, जैसे कम उम्र के लोगों को मिल जाना, मिलावट, मात्रा से अधिक सेवन कर लेना आदि को पहले ही दूर किया जा चुका है.

    दिल्ली में मिला इतना डिस्काउंट

    यह अपनी तरह का अब तक का पहला इनिशिएटिव है. इससे पहले दिल्ली में शराब की दुकानों (Delhi Liquor Shop) पर लोगों को भारी डिस्काउंट मिल रहा था. दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति लागू की थी, उसके बाद ही ग्राहकों को ये डिस्काउंट मिलने लगे. पिछले साल नवंबर में नए नियमों के लागू होने के बाद दिल्ली में शराब की दुकानों ने 30-40 फीसदी के दायरे में डिस्काउंट दिया था. उदाहरण के लिए 2,920 रुपये एमआरपी वाली शिवास रीगल बोतल को दिल्ली में कुछ जगहों पर 1,890 रुपये में बेचा जा रहा था.

  • स्व दुर्गा सोरेन सेना ने समस्याओं को लेकर किया बैठक

    रामगढ़/गोला। गोला डाक बंगला के गुनगुन पैलेस में दुर्गा सोरेन सेना की बैठक की गई। जिसका अध्यक्षता जागो मांझी एवं संचालन विश्वनाथ सोरेन ने किया । इस बैठक में दुर्गा सोरेन सेना के केंद्रीय आई०टी०सेल प्रभारी रमेश कुमार महतो ,केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य राजू तुरी , महेंद्र कुमार ,रामगढ़ जिलाध्यक्ष हसीबुल अंसारी, जिला सचिव नन्दकिशोर मुंडा , जिला उपाध्यक्ष सुबोध ठाकुर, नुरुल ऐन, सुकू मांझी, मुख्य रूप से उपस्थित हुए। इस बैठक में सर्वसम्मति से गोला प्रखंड अध्यक्ष जागो मांझी और गोला प्रखंड सचिव विनोद गुप्ता को मनोनीत किया गया। दुर्गा सोरेन सेना के केंद्रीय आई०टी०सेल प्रभारी रमेश कुमार महतो ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान व निवारण करना ही दुर्गा सोरेन सेना का मुख्य लक्ष्य है।

    इसमे उपस्थित सारे लोगों ने अपनी अपनी समस्या बारी बारी से रखें । राशनकार्ड , वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, सिंचाई , पी०एम०आवास, तथा बिचौलियों के द्वारा गरीब , दलित , मध्यम वर्ग , आदिवासी, मूलवासी, पिछड़ा वर्ग को परेशान करने पर दुर्गा सोरेन सेना इस पर मजबूती के साथ समस्याओं का समाधान करने के लिये कृत्य संकल्पित हैं। जिलाध्यक्ष हसीबुल अंसारी ने का कि दुर्गा सोरेन सेना आज के समय मे बहुत बड़ा समाजिक संगठन है। इस संगठन के माध्यम से स्व० दुर्गा सोरेन के अधूरे सपने को पूरा किया जायेगा। इस बैठक में मुख्य रूप अरज लाल बेदिया, बिनोद कुमार, लखी बेदिया, बहराम मांझी, रामेश्वर मांझी, बिनोद गुप्ता, महेंद्र मांझी, हुक़ूमनाथ मांझी, अघनु बेदिया, बबलू मांझी, नरेन्द्र सोरेन, लखन टुडू, दिलीप महतो, नगेंद्र बेदिया, सोमाय किस्कु, सन्तोष बेदिया, जगदीश बेदिया, रमेश मुंडा, बिनोद हेमरोम, रूपलाल मांझी, नकुल करमाली, करमचन्द किस्कु, रामाशीष मांझी, मुकेश तुरी, बाघराय तुरी आदि लोग उपस्थित थे।

  • निरसा में थम नहीं रहा कोयले का अवैध कारोबार, जगह-जगह छापेमारी

    कई भट्ठों से सैकड़ों टन कोयला जब्त, एसएसपी की चेतावनी के बावजूद चल रहा धंधा निरसा में अवैध कोयला कारोबार पर ड्राई डे घोषित होने के बाद एसएसपी द्वारा विशेष टीम बनाकर विशेष अभियान चलाने की तैयारी की गई थी| निर्देश दिया गया था कि किसी भी कीमत पर कोयला का अवैध कारोबार चलने नहीं दिया जाएगा| बावजूद पुलिस को धता बताते हुए पूरे निरसा विधानसभा क्षेत्र में धड़ल्ले से कोयले का अवैध कारोबार चल रहा था| विशेष टीम ने 2 जून को निरसा, कालूबाथान व मैथन ओपी क्षेत्र के विभिन्न भट्टों में रेड कर भारी मात्रा में कोयला जब्त किया| मैथन ओपी क्षेत्र के जोगेंद्र राय के भट्टा बाबा बरमेश्वर नाथ फ्युल्स में लगभग 100 टन कोयला जब्त किया| निरसा थाना क्षेत्र के अष्टभुजा भट्ठे सलगोड़िया बिनोद चौधरी के भट्टा में लगभग 5 टन अवैध कोयला जब्त किया गया|

    वही अशोक तिवारी के भट्टा संकट मोचक में भी छापेमारी हुई 30 टन बैंड कोयला जब्त किया गया| दूसरी ओर कालूबथान ओपी क्षेत्र के डब्लू सिंह गुलियाडीह स्थित जय मां काली इंधन उद्योग भट्टा से भी अवैध कोयला जब्त किया गया| निरसा, मैथन व कालूबाथान ओपी क्षेत्र में अब भी कोयले का अवैध कारोबार जारी है| निरसा थाना क्षेत्र टॉपाटार स्थित भट्ठा रमेश गोप व गुलफान अंसारी बड़े पैमाने पर अवैध कोयला ट्रैक्टर व साइकिल के द्वारा लिया जा रहा है वहीं महामाया फ्यूज रमेश गोप के भट्ठे में ट्रैक्टर,वाइबर के द्वारा कोयला लिया जा रहा है नहीं होती है करवाई? आखिर कौन है जिम्मेवार

    रमेश गोप वही है जो सिंडिकेट निरसा में चला रहा था करीब 9 महीना से ₹3000 प्रति टन वसुली कर। करोड़ों रुपैया वसूली कर उच्च अधिकारियों, सफेदपोश वाले को पहुंचाते थे मोटी रकम निरसा क्षेत्र में लगभग 56 दीपू व भट्ठा अवैध चला रहे थे। रमेश गोप काम ₹3000 प्रति टन वसूली करना जिसमें कुल कर्मचारी 150 सौ लड़का को गाड़ी गिनती में लगाए थे। धनबाद स्थित अधिकारी के एक स्टाफ शर्मा जी जो वेडलॉक में रह कर। शर्मा जी वेडलॉक रूम न. 116, 107 में सिंडिकेट को बुलाकर पैसा मंगवा कर उच्च अधिकारी को मोटी रकम पहुंचाते थे। अरबों रुपए ले गए मुजफ्फरपुर भट्ठा डंके की चोट पर चल रहा है| आज की छापेमारी के बाद अवैध कोयला से जुड़े संचालकों के बीच खलबली मची है. सभी भट्ठों के विरुद्ध स्थानीय पुलिस कारवाई में जुट गई है|

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