Month: June 2022

  • देवघर एसपी के निर्देश पर देवीपुर थाना पुलिस ने राजपुरा पंचायत भवन में किया पुलिस पब्लिक आम सभा का आयोजन

     देवघर – देवघर एसपी सुभाष चंद्र जाट के निर्देश पर जिले के देवीपुर थाना क्षेत्र के राजपुरा पंचायत भवन में पुलिस पब्लिक आम सभा का आयोजन थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह के देखरेख में किया गया| मौके पर काफी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं आम लोग उपस्थित थे| मौके पर थाना प्रभारी ने कहा कि इस तरह का आयोजन पुलिस अधीक्षक देवघर के सहयोग से किया जा रहा है|

    ताकि लोगों अपनी समस्या बेझिझक पुलिस के पास रख सके, साथ ही हेलो पुलिस के माध्यम से भी आवेदक को कई प्रकार की जानकारी मिल पाएगी| इस मौके पर जेएमएम जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष तेजनारायण वर्मा आरजेडी प्रखंड अध्यक्ष रेवती रमन यादव जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी देवी के अलावे कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों काफी संख्या मेंउपस्थित थे|

  • बॉलीवुड में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा, ये एक्टर हुईं कोविड पॉजिटिव

    कोरोना- पूरे देश मे कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है। अभी हाल ही मे सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर आई थी। अब धीरे धीरे कोरोना अपना पैर बॉलीवुड मे भी प्रसार रहा है। बहुत सारे एक्टर कराना की चपेट मे आ चुके है।

    कोरोना का कहर बॉलीवुड इंडस्ट्री एक बार कोरोना वायरस का खतरा मंडरा रहा है। बी-टाउन से लगातार कोरोना के केस सामने आ रहे हैं। अब एक्ट्रेस कैटरीना कैफ रविवार को कोविड-19 पॉजिटिव पाई गई हैं। एक दिन पहले शनिवार को दो एक्टर कार्तिक आर्यन और आदित्य रॉय कपूर कोरोना वायरस की चपेट में आ गए थे। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि बीती 25 मई को करण जौहर की बर्थडे पार्टी में शामिल हुए मेहमानों में से 50 से ज्यादा लोगों को कोरोना हो चुका है।

  • प्रधानमंत्री मोदी : भारत ने पेट्रोल में इतनी फीसदी इथेनाल के मिश्रण का पूरा किया लक्ष्य

    विश्व पर्यावरण दिवस- आज यानी 5 जून को लोग विश्व पर्यावरण दिवस के रूप मे जानते है । नरेंद्र मोदी ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘मिट्टी बचाओ आंदोलन’ पर एक कार्यक्रम की घोषणा की है। भारत ने समय सीमा से पांच महीने पहले पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
    कार्यक्रम में घोषणा करते हुए मोदी ने पर्यावरण की रक्षा के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कई उपायों का हवाला देते हुए कहा कि देश में एक होने के बावजूद इसके प्रयास बहुआयामी रहे हैं। सारे लोगो को आपने आस पास हमेशा पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए

    इतना हुआ इजाफा
    पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 2014 में दो प्रतिशत से बढ़कर अब 10 प्रतिशत हो गया है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में 27 लाख टन की कमी आई है और विदेशी मुद्रा भंडार के 41,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को 40,000 करोड़ रुपये की आय भी हुई है। भारत ने अपनी स्थापित बिजली उत्पादन का 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्रोतों से समय सीमा से नौ साल पहले हासिल करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है।

  • 24 घंटे में आये इतने नए केस, लगातार बढ़ रहा कोरोना का ग्राफ

    कोरोना अपडेट – कोरोना की तेज होती रफ़्तार एक बार फिर लोगो को डरने लगी है| पिछले 24 घंटो में कोरोना वायरस के 4,270 नए मामले सामने आए है | इस दौरान 2,619 लोगों को डिस्चार्ज हुए और 15 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई | एक दिन पहले के आंकड़ों देखें तो कोरोना के नए मामलों में करीब आठ फीसदी की उछाल आई है|

    कोरोना वायरस की अचानक तेज हुई रफ्तार डराने लगी है| पिछले 24 घंटे में कोरोना के 4270 नए मामले सामने आए हैं| एक दिन पहले के आंकड़ों देखें तो कोरोना के नए मामलों में करीब आठ फीसदी की उछाल आई है

  • गर्मियों में होंठ फटने से मिलेगी राहत, उपनाएं ये टिप्स

     गर्मी का मौसम हमारी सेहत के लिए कई प्रकार से चुनौतीपूर्ण होता है। हीट वेब के कारण होने वाली समस्याओं से लेकर, आंखों की एलर्जी, पाचन और त्वचा से संबंधित कई तरह की दिक्कतें इस मौसम में अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती हैं।गर्मी का season सबको पसंद होता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतते हुए गर्मी से बचाव करते रहने की अपील करते हैं।गर्मी मे बहुत सारी की दिक़्क़तो का सामना करते है।

    गर्मियों में होंठ फटने की समस्या भी अधिक देखने को मिलती है। होंठ फटना वैसे तो सामान्य माना जाता है, हालांकि कुछ स्थितियों में यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकते भी हो सकती है, इसलिए इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता होती है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस मौसम में तेज धूप के कारण त्वचा से संबंधित कई तरह की समस्याओं के बढ़ने का खतरा होता है। जो लोग अधिक धूप में रहते हैं उनमें होंठ फटने की समस्या अधिक देखी जाती है। यह ड्राई स्किन यानी की त्वचा के सूखेपन के कारण होने वाली समस्या है। हालांकि अगर आपको बार-बार यह दिक्कत हो रही है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें, क्योंकि यह कुछ अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं की तरफ संकेत भी हो सकता है। आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।

    होंठ फटने की समस्या और इसके कारण

    मौसम में बदलाव, एलर्जी, बहुत अधिक धूप-सर्दी या फिर कुछ दवाइयों के अधिक सेवन के कारण होंठ फटने की दिक्कत हो सकती है, हालांकि यह सामान्य घरेलू उपायों के माध्यम से ठीक भी हो जाती है।  कुछ लोगों में यह समस्या बार-बार होती रहती है और गंभीर रूप भी विकसित कर सकती है, इसे चिलाइटिस के रूप में जाना जाता है।

    इस समस्या को समझने के लिए हमने त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ रुचिका गौर से बात की। डॉ रुचिका बताती हैं,  गर्मी के दिनों में होंठ फटने का एक प्रमुख कारण डिहाइड्रेशन हो सकता है। तेज धूप के कारण शरीर से पसीने के रूप से पानी अधिक निकल जाता है, इस अनुपात में कम पानी पीने वाले लोगों में होंठ फटने के साथ त्वचा में सूखेपन की समस्या भी अधिक देखने को मिलती है।

  • आज के दिन हुआ था क्या खास, जानने के लिए देखे आज का इतिहास

    5 जून 1984- 5 जून 1984 देश के सिखों के जहन में एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। भारतीय सेना ने इस दिन अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में प्रवेश किया था। सिखों के इस सर्वाधिक पूजनीय स्थल पर सेना के अभियान को आपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) नाम दिया गया था। देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी देश के सबसे खुशहाल राज्य पंजाब को उग्रवाद के आतंक से छुटकारा दिलाना चाहती थीं, लिहाजा उन्होंने यह सख्त कदम उठाया और खालिस्तान के प्रबल समर्थक जरनैल सिंह भिंडरावाले का खात्मा करने और सिखों की आस्था के पवित्रतम स्थल स्वर्ण मंदिर को उग्रवादियों से मुक्त करने के लिए यह अभियान चलाया। समूचे सिख समुदाय ने इसे हरमंदिर साहिब की बेअदबी माना और इंदिरा गांधी को अपने इस कदम की कीमत अपने सिख अंगरक्षक के हाथों जान गंवाकर चुकानी पड़ी।

    विश्व के इतिहास में पांच जून की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:
    1659: मुगल शासक औरंगजेब आधिकारिक रूप से दिल्ली की गद्दी पर बैठा।
    1944: रोम मित्र सेनाओं के कब्जे में। द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी, इटली और जापान की नाज़ी तिकड़ी वाले देशों की राजधानियों में से मित्र सेनाओं के कब्ज़े में आने वाला रोम पहला शहर था।
    1953: डेनमार्क में आज ही के दिन नया संविधान लागू हुआ।
    1967: इजरायल ने मिस्र पर हमला कर उसके करीब चार सौ लड़ाकू विमान नष्ट कर दिए।
    1968: अमरीका के शहर लॉस एंजलिस के एक होटल में मशहूर अमरीकी सांसद रॉबर्ट कैनडी पर जानलेवा हमला। हमलावर को तत्काल पकड़ लिया गया और उसे उम्रकैद की सजा हुई। वह फिलिस्तीनी मूल का था और उसका कहना था कि उसने अपने देश के लिए यह कदम उठाया।

    1972: संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने के लिए पांच जून साल 1972 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की घोषणा की। पहला विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून, 1974 को मनाया गया।

    1984: पंजाब के अमृतसर में सिखों के धर्म स्थल स्वर्ण मंदिर में भारतीय सेना ने ऑपरेशन ब्लू-स्टार को अंजाम दिया।

    1990: सोवियत संघ के आखिरी राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचोव को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

    2013: अमेरिकी जासूस स् नोडेन ने खुलासा किया कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी लाखों लोगों के फोन रिकॉर्ड जुटा रही है

  • अब विलायत जाएंगे झारखंड के युवा, ऐसे करे ऑनलाइन आवेदन

    हर राज्य के युवा का ये सपना होता है की वो विदेश मे पढ़े।अब ये सपना झारखंड के युवाओं को विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए ब्रिटिश हाई कमीशन के साथ साझा पहल की गई है।झारखंड सरकार के प्रयास से ये इतना बड़ा सपना संभव हुआ है। झारखंड के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिभाशाली युवाओं को झारखंड सरकार एवं ब्रिटिश हाई कमीशन द्वारा शेवनिंग-मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा स्कॉलरशिप दी जायेगी। इस संबंध में राज्य सरकार और विदेश राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय ब्रिटिश उच्चायोग, नई दिल्ली के साथ तीन साल का साझा एमओयू किया जायेगा।

    इससे पूर्व भी झारखंड सरकार द्वारा मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय स्कॉलरशिप योजना के जरिए यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्थेन आयरलैंड के चयनित संस्थानों, विश्वविद्यालयों के चयनित पाठ्यक्रम में अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। अब अन्य वर्गों यथा अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के प्रतिभाशाली युवा भी स्कॉलरशिप योजना से लाभान्वित होंगे।

    मुख्यमंत्री ने निभाया वादा, वंचित वर्ग के युवा पढ़ेंगे विदेश में

    स्कॉलरशिप योजना के तहत सितंबर 2021 में चयनित सात छात्र, छात्राएं जब उच्च शिक्षा के लिए विदेश जा रहे थे। उस समय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि जल्द सभी वंचित वर्ग जैसे अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिभाशाली युवाओं को भी अनुसूचित जनजाति के युवाओं के साथ उच्च शिक्षा का अवसर दिया जायेगा। अपने वादे के अनुसार मुख्यमंत्री ने एक साल के अंदर इन युवाओं का विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने का मार्ग प्रशस्त किया।

    साथ ही, मुख्यमंत्री के प्रयास से ब्रिटिश उच्चायोग द्वारा अधिकतम पांच छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप प्रदान करने के लिये मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा स्कॉलरशिप योजना के साथ साझेदारी करते हुए शेवनिंग-मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा स्कॉलरशिप योजना शुरू की। यह वैश्विक स्कॉलरशिप योजना अपने आप में अनूठी है, जब यहां के वंचित समाज के प्रतिभाशाली युवाओं को वैश्विक स्कॉलरशिप मिलेगी।

  • भविष्य की जरूरतों के हिसाब से निवेश करना जरूरी, रिटायरमेंट के बाद भी मिलेगा फायदा

    एप्लॉई प्रॉविडेंट फंड- एप्लॉई प्रॉविडेंट फंड (EPF) को रिटायरमेंट फंड तैयार करने का मुख्य साधन कहा जाता है। लेकिन बढ़ती महंगाई को देखते हुए रिटायरमेंट के बाद आरामदेह लाइफ बिताने के लिए आपको इसके अलावा भी इनवेस्टमेंट करने की जरूरत होगी। अगर आपको एक अच्छा जीवन बिताना है तो उसके हिसाब से आपको आपने फ्यूचर के बारे मे सोचना होगा। रिटायरमेंट के बाद 20 से 25 साल का खर्च पूरा करने के लिए आपको EPF के अलावा भी इनवेस्टमेंट करना होगा।

    नौकरी के शुरुआती सालों में थोड़ा जोखिम लें
    आपके लिए महंगाई को मात देने के लिए और अपने लिए पर्याप्त रिटायरमेंट फंड तैयार करने के लिए आपको अपनी नौकरी के शुरुआती सालों में जब आप पर परिवार को दबाव कम हो तक आपको थोड़ा जोखम उठाना चाहिए। ऐसे में आप इक्विटी फंड्स में भी निवेश कर सकते हैं।

    इसके अलावा आप म्यूचुअल फंड द्वारा चलाई जा रहीं सॉल्यूशन ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड स्कीम में भी निवेश कर सकते हैं। जैसे-जैसे आप रिटायरमेंट की ओर बढ़ें तो आप चाहें तो यहां से पैसा निकाल कर कहीं ऐसी जगह निवेश कर सकते हैं जहां जोखिम कम हो।

    आपको कितने रिटायमेंट फंड की जरूरत है इसको समझें
    भविष्य में आपकी बचत का एक बड़ा भाग मासिक खर्चों में इस्तेमाल होगा। इस राशि को जानने का सबसे आसान तरीका यह है कि वर्तमान में आपका जो भी मासिक खर्च है उसके साथ महंगाई को भी जोड़ लें।

    मान लीजिए, इस समय आपका मासिक खर्च 50 हजार रुपए महीना है और मान लेते हैं कि 6% वार्षिक दर से महंगाई लगातार बढ़ रही है। इसका मतलब यह है कि, 20 साल बाद आपको अपने इन्हीं खर्चों को पूरा करने के लिए हर महीने 1.6 लाख रुपए की जरूरत होगी।इसके लिए आपको 2.3 करोड़ रुपए (96 हजार X 12 महीने X 20 साल) जुटाने होंगे । इसके अलावा आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी इमरजेंसी में खर्च के लिए आपके पास अतिरिक्त राशि की व्यवस्था भी रहे। फाइनेंशियल प्लानिंग में जो बात सबसे ज्यादा दोहराई जाती है वह है “कंपाउंडिंग की ताकत”। इसे हासिल करने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप अपने पैसे को बढ़ाने के बारे में सोचें।

    जल्दी करें शुरुआत
    अपनी नौकरी के आखिरी पड़ाव में इतना बड़ा फंड तैयार कर पाना मुश्किल काम हो सकता है। यह आपके दूसरे निवेश लक्ष्यों जैसे बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसे लक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है। उदाहरण के लिए, मान लेते हैं आप 25 साल की उम्र से आप हर महीने 4.5 हजार रुपए कहीं ऐसा जगह निवेश करते हैं जहां से आपको 12% के करीब रिटर्न मिल रहा है। तो जब आप 60 साल के होंगे तब आपका रिटायरमेंट फंड 2.3 करोड़ रुपए से भी अधिक का हो जाएगा। वहीं, यदि आप 35 साल की उम्र में अपने रिटायरमेंट के लिए निवेश की शुरुआत करते हैं तो आपको उतनी ही राशि प्राप्त करने के लिए हर महीने करीब 15 हजार रुपए निवेश करने की जरूरत होगी।

    EPF पर मिल रहा 8.1% ब्याज
    EPF पर इस समय 8.1% ब्याज मिल रहा है। EPF के तहत आपकी सैलरी से कटने वाला 12% पैसा EPF में जमा हो जाता है, और इतना ही नियोक्ता की ओर से भी इसमें किया जाता है। यहां यह भी साफ कर दें कि किसी भी नियोक्ता के हिस्से के 12% योगदान में से 8.33% या 1250 रुपए, जो भी कम हो, का योगदान कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS में होता है। जबकि बाकि 3.67 % राशि का योगदान कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में होता है। ऐसे में इस बात का आंकलन करें कि इससे आपका कितना रिटायमेंट फंड तैयार होगा और आपको चाहिए कितना। इस बात का समय समय पर आंकलन करते रहना चाहिए।

  • IIFA 2022 : सलमान खान के डांस का वीडियो हो रहा वायरल

    IIFA 2022– हर दिन कोई न कोई वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन जाता है। ऐसे ही अभी सोशल मीडिया पर स्टार सलमान खान की डांस की वीडियो तेजी से फैल रही है।सुपरस्टार सलमान खान IIFA 2022 में मनीष पॉल और रितेश देशमुख के साथ मस्ती करते दिखाई पड़े। तीनों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें मनीष पॉल आगे हैं और पीछे रितेश देशमुख, बीच में सुपरस्टार सलमान खान खड़े हुए हैं।तीनो ‘नाच पंजाबन’ का हुक स्टेप करते हुए रील बना रहे हैं। वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है।

    नाच पंजाबन पर सलमान का डांस
    सलमान खान के इस वीडियो को कलर्स के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है और वीडियो को शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा, ‘असली मस्ती करना कोई इन तीनों से सीखे।’ बता दें कि वरुण धवन और कियारा आडवाणी स्टारर फिल्म ‘जुग जुग जियो’ का ये गाना सोशल मीडिया पर खूब लोकप्रिय हो रहा है। लोग इस गाने के साथ रील्स बना रहे हैं।

    सलमान-मनीष की IIFA मस्ती
    गाने का हुक स्टेप काफी आसान है और विवादों में आने के बावजूद गाने को पसंद किया जा रहा है। बता दें कि वरुण धवन और सलमान खान की ट्यूनिंग काफी कमाल की है और रियलिटी टीवी शो बिग बॉस में वरुण धवन कई बार किसी न किसी वजह से नजर आते रहे हैं। जब भी वरुण धवन रियलिटी टीवी शो बिग बॉस में आते हैं तो दोनों ही जमकर मस्ती करते हैं।

    सलमान ने किया सिद्धार्थ को रोस्ट
    वहीं बात करें IIFA 2022 की तो सलमान खान ने एक तरफ सिद्धार्थ कनन को काफी रोस्ट किया वहीं उनके साथ मिलकर मस्ती भी की। सलमान खान द्वारा सिद्धार्थ को रोस्ट किए जाने का वीडियो इंटरनेट पर काफी शेयर किया गया है जिसकी वजह से दबंग खान को भी काफी ट्रोल किया गया और उनके एटिट्यूड को लेकर सवाल उठाए गए।

  • महिलाओं को इन बातों का रखना चाहिए खाश ख़्याल

    हर व्यक्ति को उम्र के हिसाब से अपनी सेहत का ध्यान रखने की जरूरत होती है। खासतौर पर महिलाओं को शरीर मे खश ध्यान रखने की जरूरत होती है। महिलाएं को खून के साथ साथ आपने स्वस्थ पर खाश ख्याल रखना पड़ता है। महिलाएं को 30 की उम्र के बाद सेहत को नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए।ऐसे मे आपको बहुत परेशानी हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस उम्र बाद शरीर में कई बदलाव होते हैं। ऐसा हो सकता है कि आपको यह बदलाव दिखे नहीं, लेकिन जीवन को स्वस्थ और खुशहाल बनाने के लिए सेहत का ख्याल खासतौर से रखे।

    अक्सर महिलाएं घर और ऑफिस के कामों में इस कदर उलझ जाती हैं, कि मीटिंग के लिए नाश्ता करना छोड़ देती हैं, तो घर के कामों को पूरा करने में खाना भूल जाती हैं। इससे उन्हें ज़रूरी पोषण नहीं मिलता और वे कई बीमारियों का शिकार हो जाती हैं। तो आइए जानें एक्सपर्ट्स से कि बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं को किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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