Month: June 2022

  • गर्मियों में बालों का रखे खाश ख्याल, इन गलतियों से होते है बाल खराब

    हर व्यक्ति की ज़िंदगी मे खूबसूरती को बनाए रखने में लंबे काले बालों का बहुत बड़ा हाथ होता है।खाश कर महिला के ज़िंदगी मे उसके बाल उसके लिए सुंदरता के प्रतिक होते है। लेकिन आजकल टूटते झड़ते बाल ज्यादातर लोगों के लिए परेशानी की वजह बने हुए हैं। जिसकी मुख्य वजह धूल-प्रदूषण के साथ बालों को उचित पोषण न मिलना हो सकता है। ऐसे में लोग अपने बालों को गिरने से बचाने के लिए मार्केट में मिलने वाले महंगे और कैमिकल युक्त हेयर ट्रीटमेंट का सहारा लेने को मजबूर हो जाते हैं। जिनसे फायदा कम और नुकसान ज्यादा होता है। अगर आप भी अपने बालों को घना, लंबा और मुलायम बनाना चाहते हैं तो ध्यान रखें ये हेयर केयर टिप्स। साथ ही उन बातों का भी ध्यान रखें जो अनजाने में आपके बालों को नुकसान पहुंचा रही हैं।

    बालों की सेहत बनाए रखने के लिए करें ये काम-  
    -बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए सेहतमंद और संतुलित डाइट का सेवन करें।
    -बेहद कसे हुए हेयरस्टाइल बनाने से बचें, जिनसे बालों के झड़ने या टूटने की आशंका ज़्यादा रहती है। हमेशा ढीले-ढाले सुकूनदेह हेयरस्टाइल्स बनाएं।
    -बालों के लिए उपयुक्त शैम्पू या कंडिशनर चुनें।

    बालों से जुड़ी न करें ये गलतियां-
    -बार-बार बालों को न धोएं, ऐसा करना बालों को रूख़ा बना देता है, जिससे वे तेज़ी से चिपचिपाहट पैदा करने लगते हैं।
    -सोडियम सल्फ़ेट वाले शैम्पू यूज करने से बचें, क्योंकि ये बालों को क्षति पहुंचाते हैं।
    -ज़्यादा गर्म या बेहद ठंडे पानी से बाल न धोएं। ये स्कैल्प को हानि पहुंचा सकते हैं या सीबम का ज़रूरत से ज़्यादा प्रोडक्शन कर सकते हैं।
    -ख़ासतौर पर गीले बालों को कंघी से न सुलझाएं। इसके अलावा ज़ोर से बालों पर कंघी भी न करें, इससे भी बाल कमज़ोर होते हैं।

  • हड़ताल के मूड में 9 बैंक, हो सकती है आपको परेशानी

    जून माह के आखिरी सप्ताह में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर जाने की आकांशा जताई जा रही है। नौ बैंक यूनियनों की एक संयुक्त संस्था यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी पहले ही दे दी थी। हड़ताल की तारीख 27 जून, दिन सोमवार तय हो चुकी है।

    हड़ताल की स्थिति में ग्राहकों को अपना जरूरी कामकाज 24 जून, दिन शुक्रवार तक निपटा लेना होगा। इसके बाद 25 जून को माह का चौथा और आखिरी शनिवार है, इस दिन अधिकतर बैंकों में कामकाज होने की संभावना नहीं है। 26 जून को रविवार है, जो साप्ताहिक अवकाश का दिन होता है। वहीं, 27 जून को सोमवार है, इसी दिन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।

     अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने यूएफबीयू की बैठक के बाद कहा कि उनकी मांगों में सभी पेंशनभोगियों के लिए पेंशन योजना में संधोशन और राष्ट्रीय पेंशन योजना को खत्म करना है। इसके अलावा सभी बैंक कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना भी शामिल है।

  • डायबिटीज से हैं परेशान तो करें ये पाँच एक्सरसाइज, होगा फायदा

    शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में एक्सरसाइज काफी मददगार होती है। यह ना सिर्फ आपको स्वस्थ बल्कि फुर्तीला भी बनाती है। एक्सरसाइज सिर्फ शरीर ही नहीं मन को भी स्वस्थ रखने में सहायक होती है। ऐसे में हर किसी को अपने रूटीन में वर्कआउट जरूर शामिल करना चाहिए। डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी एक्सरसाइज से काफी राहत मिलती है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है ऐसे लोगों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट यानी रोजाना 21 मिनट एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए। इससे आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होगा।

    खासकर हल्की एक्सरसाइज डायबिटीज को कंट्रोल करने में काफी उपयोगी होती हैं। यानी यह सोचना कि केवल हैवी एक्सरसाइज ही शरीर को आराम पहुंचाती हैं तो गलत होगा। डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आप अपने रूटीन में कई तरह की एक्सरसाइज कर सकते हैं। जिनमें जॉगिंग से लेकर रनिंग, योगा और अन्य कई तरह के वर्कआउट शामिल हैं। कौन-सी हैं वह एक्सरसाइज जो आप अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं चलिए बताते हैं-

    गार्डनिंग: गार्डनिंग एक ऐसी एक्सरसाइज है जो आपके शरीर को बहुत फायदा देती है। क्योंकि इसमें आपके जोड़ों का बहुत काम होता है। आप बार-बार बैठते हैं या गड्ढा खोदते हैं। ये सभी एक्टिविटीज एरोबिक्स टाइप की एक्टिविटीज हैं जिससे आपकी स्ट्रेंथ बनी रहती है। इसका सबसे ज्यादा फायदा है कि पेड़ों के साथ रहने से आपका स्ट्रेस लेवल कम होता है।

    योगा और प्राणायम: ये दोनों करने से आपका मोटापा, ब्लड शुगर लेवल काफी हद तक नियंत्रित हो जाता है। इससे आपके शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है। आपको ध्यान रखने वाली बात है कि हमेशा किसी क्वालिफाइड योगा टीचर से सीखकर ही करना चाहिए। क्योंकि गलत योगा करने से कोई फायदा नहीं होता है।

    सीढ़ियां चढ़ना और उतना: घर या ऑफिस की सीढ़ियां चढ़ने से भी ब्लड फ्लो बढ़ता है। इससे शरीर में इंसुलिन ज्यादा बनता है। जिससे आपके ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित किया जाता है। लेकिन जिन मरीजों के  जोड़ों का दर्द होता है या कोई परेशानी है तो उन्हें इस एक्सरसाइड को बिल्कुल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे आपके जोड़ों पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है और कई बार ऐसा करने से परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है।

    साइकलिंग: इससे आपका लोअर बॉडी पार्टी लगातार काम करता है तो आपके शरीर में ब्लड प्रेशर का लेवल नियंत्रित रहता है। यही वजह है कि शरीर के लिए इंसुलिन प्रोड्यूस करना भी काफी आसान हो जाता है। कोशिश करें कि रोज़ाना कम से कम 10 मिनट साइकलिंग करें।

  • अमीषा पटेल हमेशा रही विवादों में, घर वालो से बिगड़ चुका है रिश्ता

    बॉलीवुड में अपना अच्छा खासा नाम कमाने वाली और खूबसूरत एक्ट्रेस अमीषा पटेल (Ameesha Patel) अपना 46वां जन्मदिन मना रही हैं| आज भले ही अमीषा फिल्मी दुनिया से दूर हैं, लेकिन उनके अभिनय ने सभी को काफी प्रभावित किया है| अमीषा पटेल ने कई फिल्मों में काम किया है, जिनमें से कुछ हिट हुईं तो कुछ फ्लॉप हुईं, लेकिन हर फिल्म में उनके अभिनय ने लोगों का खासा दिल जीता| अमीषा ने अपने करियर की शुरूआत ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) के साथ ‘कहो ना प्यार है’ से की थी| खास बात ये थी कि दोनों की ये पहली फिल्म थी और हिच भी भी साबित रही|

    इंजीनियर बनना चाहती थीं एक्ट्रेस

    अमीषा पटेल का जन्म 9 जून 1976 को मुंबई में हुआ था। एक्ट्रेस के पिता का नाम अमित और मां का नाम आशा पटेल हैं। अमीषा ने अमेरिका से 2 साल बायो-जेनेटिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और वह इकोनॉमिक्स में गोल्ड मेडलिस्ट भी रही हैं। एक्ट्रेस इंजीनियर बनना चाहती थीं लेकिन अचानक एक्टिंग की लाइन में आ गईं। फिल्म कहो ना प्यार है से उन्होंने डेब्यू किया।

    विक्रम भट्ट से जुड़ा नाम

    अमीषा पटेल का नाम निर्माता-निर्देशक विक्रम भट्ट से जुड़ा था। एक्ट्रेस उनके साथ लिव इन में रहा करती थीं और इस बात को खुद अमीषा ने मीडिया के सामने कबूला था। पांच साल तक एक दूसरे को डेट करने के बाद इनका खराब नोट पर ब्रेकअप हुआ और एक्ट्रेस ने इसे अपनी बड़ी भूल बताया था।

  • बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन करेगी ‘ब्रह्मास्त्र, जाने निर्देशक के प्लान

    ब्रह्मास्त्र- रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ का लोग काफी समय से इंतज़ार कर रहे है। फिल्म के पोस्टर और टीजर सामने आ चुका है और अब फैंस फिल्म के ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार करते नजर आ रहे है । इतना नहीं, रणबीर कपूर अपनी इस फिल्म का जबरदस्त तरीके से प्रमोशन करते भी नजर आये। ऐसे में फिल्म को लेकर फैंस का उत्सुकता अपने चरम पर है। इन सबके बीच फिल्म के निर्देशक अयान मुखर्जी ने एक इंटरव्यू में कहा की उनकी फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ की कमाई ‘आरआरआर’ से ज्यादा होगी।

    दरअसल, ‘ब्रह्मास्त्र’ पैन इंडिया लेवल पर रिलीज हो रही है। ऐसे में फिल्म की टक्कर साउथ फिल्मों से भी होगी, जिसमें ‘आरआरआर’, ‘केजीएफ चैप्टर 2’ और ‘पुष्पा’ जैसी फिल्में शामिल हैं। इसी वजह से इंटरव्यू में अयान मुखर्जी से पूछा गया कि क्या यह फिल्म ‘आरआरआर’ से अच्छा बिजनेस करेगी? इस पर निर्देशक ने कहा, ‘जाहिर तौर पर।’ अयान ने कहा, ‘मैं बताना चाहता हूं कि विश्व स्तर पर हमारा लक्ष्य ‘आरआरआर’ द्वारा बनाए गए आंकड़े से कहीं ज्यादा बड़ा है। डिज्नी को हमारे साथ लाने जैसा बड़ा कदम ही है, जिससे हम ये काम कर पाएंगे।’

    अयान मुखर्जी से पहले रणबीर कपूर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह इस फिल्म के जरिए अपना मार्वल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अभिनेता ने कहा था, ‘हमारे पास अपना खुद का मार्वल बनाने का मौका था, जिसे अयान पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। आपकी संस्कृति में बनी कोई भी फिल्म, कोई भी अच्छी सम्मोहक कहानी होगी तो बड़े दर्शकों से जुड़ेगी।’ इसके आगे अभिनेता ने ये भी कहा था कि उनके लिए डिज्नी से अच्छा कोई और नहीं हो सकता है।

  • चाय पीना हो सकता है खतरनाक, पिने से पहले जान लें नुकशान

    इसमें कोई शक़ नहीं कि चाय लोगो को बेहद पसंद होता है और चाय की दुकान पर सबसे ज्यादा भीड़ देखि जाती है। दुनिया की सबसे पसंदीदा ड्रिंक में से एक है चाय। चाय को लेकर सबकी पसंद भी कुछ अलग होती है। मसाला चाय से लेकर कैमोमाइल टी तक आपको चाय के कई ऑप्शन्स देखने को मिल जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि अलग-अलग तरह की चाय कई तरह के फायदों से भरपूर होती है, लेकिन इसे ज़रूरत से ज़्यादा पी लेने से नुकसान भी हो सकते हैं। इसलिए अगर आप भी चाय की दीवाने हैं. आज आपको बताएँगे चाय से जुडी कुछ बाते।

    तो आइए जानें कि ज़्यादा चाय पीने से क्या नुकसान होते हैं?

    1. नींद से जुड़ी दिक्कतें

    अगर आपको नींद से जुड़ी परेशानियां जैसे- नींद न आना या नींद पूरी न होना, तो आप इसका इलज़ाम अपनी प्रिय चाय पर डाल सकते हैं! जी हां, ज़्यादा चाय पीने से आपकी नींद खराब होती है। चाय में मौजूद कैफीन आपकी नींद की साइकिल को खराब करती है। ऐसा इसलिए क्योंकि कैफीन मेलाटोनिन हॉर्मोन को प्रभावित करता है, जिससे नींद के पैटर्न पर असर पड़ता है।

    2. पोषक तत्वों का कम अवशोषण

    कैफीन का अधिक सेवन वास्तव में आपके पाचन को बाधित कर सकता है और पोषण के अवशोषण को कम कर सकता है। चाय में टैनिन नाम का एक घटक होता है, जो हमारे खाने से आयरन के अवशोषण को बाधित करता है। यही वजह है कि खाने के साथ कभी भी चाय नहीं पीनी चाहिए। आप दो मील्स के बीच में चाय पी सकते हैं।

    3. बेचैनी का बढ़ना

    हम अक्सर तनाव दूर करने या बिज़ी लाइफ से ब्रेक लेने के लिए एक कप चाय का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत असल में तनाव और बेचैनी को बढ़ा सकती है।जी हां, ज़रूरत से ज़्यादा कैफीन का सेवन बेचैनी बढ़ाने का काम करता है। इसको कम करने का सबसे अच्छा तरीका है चाय का सेवन कम करना और इसकी जगह कैमोमाइल, वाइट टी या फिर ग्रीन टी पिएं।

    4. सीने में जलन

    इसमें कोई शक नहीं कि आपकी पसंदीदा चाय अक्सर पेट की समस्या पैदा करती है। ऐसा इसलिए क्योंकि कैफीन पेट में एसिड के निर्माण को बढ़ा देती है जिससे सीने में जलन, सूजन और बेचैनी होती है। साथ ही यह एसिड रीफ्लक्स का कारण भी बनता है।

  • अमेरिका : दवा से ठीक हुआ कैंसर, दवा को बताया जा रहा 100 फीसद कारगर

    अमेरिका में एक अध्ययन के दौरान नई दवा से कैंसर के सभी 18 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके है । 6 महीने के दवा के कोर्स के बाद किसी भी मरीज की जांच में ट्यूमर सामने नहीं आ पाया । कुछ मरीजों को दो साल का समय हो चुका है और अब तक कैंसर का कोई लक्षण सामने नहीं आया। न्यूयार्क स्थित एमएसके कैंसर सेंटर के डा. लुइस ए डियाज जूनियर के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन के नतीजे न्यू इंग्लैंड जर्नल आफ मेडिसिन के द्वारा प्रकाशित किए गए हैं।

    विज्ञानियों का कहना है कि भले ही 18 मरीजों पर किया गया अध्ययन छोटा है, लेकिन इसके नतीजे बहुत उत्साहजनक दिखाई दिए हैं। भविष्य में इससे विभिन्न प्रकार के कैंसर के सटीक इलाज की राह को निकला जा सकता है। अध्ययन के दौरान सभी मरीजों को चेकप्वाइंट इनहिबिटर कही जाने वाली दवा डोस्टारलिमैब दी गई। छह माह तक हर तीसरे हफ्ते एक खुराक दी गई। डोज पूरी होने के बाद जब जांच की गई तो किसी भी मरीज में कैंसर का लक्षण नहीं बचा था। अध्ययन से पहले यह माना जा रहा था कि शायद कुछ मरीजों को बाद में कीमोथेरेपी या अन्य दवा की जरूरत पड़े, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अध्ययन में शामिल किए गए सभी मरीजों का कैंसर शुरुआती स्टेज में था, यानी उसका शरीर के दूसरे अंगों तक फैलना शुरू नहीं हुआ था।

    दवा ऐसे करती है काम

    कैंसर कोशिकाएं स्वयं को शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) से छिपाने में सक्षम होती हैं। उनकी इसी खूबी के कारण शरीर में ट्यूमर बनता है। यह दवा कैंसर की कोशिकाओं से उस पर्दे को हटा देती हैं और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली उन्हें आसानी से देख पाती है। इसके बाद हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली ही उन कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। इसीलिए इस प्रक्रिया को इम्यूनोथेरेपी कहा जाता है।

  • धनबाद :बारिश में मलेरिया-चिकनगुनिया से बचने को चलेगा अभियान

    धनबाद- धनबाद में मलेरिया व चिकनगुनिया सहित अन्य बरसाती बीमारियों के रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर से अभियान शुरू करेगी। बरसात
    में ये बीमारियां फैलने का बहुत ज्यादा खतरा बना रहता है। बरसात से पहले लोगों को ऐसी बीमारियों से बचने के लिए जागरूक करने का प्रयाश हो रहा है। रांची में मलेरिया को लेकर पूरे राज्य स्तरीय बैठक में धनबाद को विशेष निर्देश दिए गए हैं। जिले में चलाए जा रहे कंटेनर सर्वे के दौरान काफी मात्रा में मलेरिया जनित मच्छरों के लार्वा पाए गए हैं। अब इसे देखते हुए मुख्यालय ने धनबाद को अलर्ट किया है। निर्देश के बाद धनबाद में तैयारियां काफी तेज हो गई हैं। इसके लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों को विशेष हिदायत दी गयी है।

    अस्पतालों में इलाज और सुविधा के लिए विशेष निर्देश

    धनबाद समेत पूरे राज्‍य में अब मानसून के प्रवेश में महज कुछ ही दिन बचे हुए हैं। ऐसे में मुख्यालय की ओर से धनबाद के सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज की मुकम्मल व्यवस्था करने को कहा गया है। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाने को कहा गया है। इसके अलावा मलेरिया जांच के लिए एलाइजा किट और अन्य केमिकल माइक्रोबायोलॉजी विभाग को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डेंगू के अलावा चिकनगुनिया की भी जांच की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है।

  • झारखंड : पांच दिन तक झारखंड में धूप छांव रहने के आसार, बारिश की संभावना

    झारखंड- झारखंड में पांच दिन तक बादल धूप-छांव खेल सकते है। पश्चिम दिशा से आ रही गर्म हवा के असर से पलामू प्रमंडल एवं इसके निकटवर्ती क्षेत्र में गर्मी की स्थिति लगातार कायम रहेगी। झारखण्ड में कई जगह लू चलने के भी असर है ।वहीं, राज्य के उत्तर पूर्वी भाग में संताल परगना, दक्षिण भाग में सरायकेला-खरसावां, पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम में बंगाल की खाड़ी से आ रही पूरबईया हवा से नमी बनी रहेगी। इससे आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की वर्षा हो सकती है। लेकिन गर्मी से राहत मिलना अभी झारखण्ड के लोगो को मुश्किल है। झारखंड के पलामू प्रमंडल के चार जिले समेत कुछ अन्य जगहों पर मंगलवार को शरीर झुलसाने वाली गर्मी से आमजन बेहाल रहे।

    मेदिनीनगर में राज्य में सबसे अधिक तापमान 45.7 डिग्री सेसि रिकॉर्ड किया गया। वहीं बोकारो में गर्म रात की स्थिति बनी रही। इसके अलावा राजधानी रांची समेत अन्य जगहों पर आर्द्रता बढ़ने से दिनभर उमस भरी गर्मी की स्थितिबनी रही।

    राज्य के बोकारो थर्मल, चाईबासा, रामगढ़, जमशेदपुर, गढ़वा, लातेहार और चतरा में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। इधर, मौसम में हुए बदलाव के बीच मंगलवार को रांची, गुमला, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा में कुछ जगहों पर हल्के से मध्यम दर्जे की मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवा के बहाव के बीच बारिश हुई।

  • समर पार्टी के लिए, समर रेसिप अभी ट्राई करें

    Summer Recipes: पार्टी टाइम तो स्पेशल होना ही चाहिए, चाहे मौसम कोई भी हो। अब बात समर पार्टी की है तो पेश है कुछ स्पेशल डिशेज़…

    आम : आम इस मौसम का फल है और इसके स्वाद से ही हमें पता है कि इसे फलों का राजा क्यों कहते हैं। मैंगो शेक एक ऐसा ड्रिंक है, जो हर दिल अज़ीज़ है। आपके लिए एक मज़ेदार रेसिपी तैयार है।

    विधि : ताज़े कटे आमों को मिक्सी में डालकर उसकी प्यूरी बना लें। इसे बर्फ जमाने वाली ट्रे में डालकर, इस पर एक टूथपिक या कोई स्टिक लगाकर जमने के लिए रख दें। लीजिए आपकी मैंगो पॉपसिकल तैयार है।

    खीरा : खीरा टेस्ट और फ्रैशनेस, दोनों ही के हिसाब से एक ऐसा सैलेड है, जो पार्टी-मूड के साथ पेट को भी लाइट रखेगा और टेस्ट भी कम नहीं होने देगा। पार्टी में जो लोग डायटिंग पर हैं या सैलेड ज़्यादा पसंद करते हैं, उनके लिए ये बेहतरीन ऑप्शन है।

    सामग्री : खीरा 4, लहसुन 2 टुकड़े, हरा प्याज़ 1-1 इंच के टुकड़े में, पीले टमाटर 450 ग्राम, पीली शिमला मिर्च टुकड़ों में कटी 2, राइस विनेगर 3 बड़े चम्मच, नमक 2 छोटे चम्मच।

    विधि : लहसुन, प्याज़, टमाटर और पीली शिमला मिर्च को फूड प्रोसेसर में डालें और इसे अच्छे से बारीक टुकड़ों में काट लें। इसमें सिरका और नमक डालकर ठंडा करने रख दें। खीरे को 1 इंच के टुकड़ों में काट लें और एक मेलन बॉलर की मदद से स्कूप करें। ऊपर बारीक कटी सब्जि़यों को इन खीरे के टुकड़ों में भरें|

    नीम्बू : साइट्रस फल हमेशा ही अन्य फलों से बेहतर होते हैं। हम नींबू को अपने खाने में स्वाद के लिए ही डालते हैं, लेकिन इसके अन्य बहुत से लाभ होते हैं। यह ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और तनाव को कम करने में मदद करता है। पार्टी में शामिल हैवी फूड को ये बैलेंस कर देगा।

    सामग्री : नींबू 4, पुदीने की डंडियां 4-5, चीनी 4 बड़े चम्मच, नमक एक चुटकी, जीरा पाउडर ½ छोटा चम्मच, ठंडा पानी 3 गिलास, पानी साधारण तापमान का 1 गिलास, रूहअफ्जा 24 बड़े चम्मच, बर्फ के टुकड़े।

    विधि : एक जग लें और उसमें साधारण तापमान वाला एक गिलास पानी डालें। अब इसमें चीनी डालें और अच्छे से घुल जाने तक इसे मिलाते रहें। इसमें 4 नींबू निचोड़ दें। अब इसमें रूहअफ्जा डालकर मिला लें। इसमें थोड़ा सा नमक और जीरा भी डालकर मिलाते रहें। अब इसमें ठंडा पानी और बर्फ मिलाकर फिर से मिक्स करें। आपकी वेलकम ड्रिंक रूहअफ्जा शिकंजी तैयार है|

    ठण्डाई : तेज़ धूप से सारी एनर्जी बिल्कुल खत्म हो जाती है और ऐसे में पार्टी में इंज्वॉय करना तो दूर की बात, शामिल हो जाना भी बहुत लगता है। ऐसे में ये ड्रिंक आपके साथसाथ सभी मेहमानों को रिचार्ज कर देगी।

    सामग्री : दूध 1 लीटर फुल क्रीम, चीनी का पाउडर ½ कप, कालीमिर्च 10 से 12, थोड़ी केसर। महीन पाउडर बनाने के लिए बादाम द कप, खसखस 2 बड़े चम्मच, सौंफ 2 बड़े चम्मच, इलाइची पाउडर ½ छोटा चम्मच, सफेद पेप्परकॉर्न्स 20।

    विधि : दूध को पूरा उबाल लें और ठंडा कर लें। सभी साबुत मसालों को इसमें डालें और इस मिश्रण को 3-4 घंटों के लिए फ्रिज में ठंडा करने रख दें। एक छलनी से इस मिश्रण को छान लें और इसमें चीनी, पेप्परकॉर्न्स और केसर डालकर अच्छे से मिला लें। ठंडा-ठंडा सर्व करें।

    दही : इसे एक प्रकार का इंस्टेंट कूलिंग एजेंट कहा जा सकता है। दही ठंडा होती है और इसमें पर्याप्त मात्रा में मिठास होती है। इस रेसिपी में हम साधारण सी लस्सी में एक अनोखा ट्विस्ट देने की कोशिश करेंगे, जो आपके मेहमानों को उनके जाने-पहचाने स्वाद को एक नए रूप में पेश करने में मदद करेगा।

    सामग्री : ठंडा दही ½ कप, ठंडा पानी ½ कप, काला नमक 1/8 या द छोटा चम्मच, पिस जीरा 1/8 छोटा चम्मच, काली मिर्च चुटकी भर, पैपरिका चुटकी भर, पुदीना कप।

    विधि : दही को स्मूथ होने तक अच्छे से फेंट लें। पुदीने के पत्तों को दही में मिला दें, ताकि उसका अच्छे से पेस्ट बन जाए। थोड़ा सा पानी मिलाकर इसे फिर से फेंटें। फिर इसमें सारे मसाले मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें और एक बड़े से गिलास में सर्व करें। आप इस रेसिपी को बनाकर फ्रिज में भी रख सकते हैं। यह एक दिन के लिए स्टोर की जा सकती है। इसे सर्व करने से पहले अच्छे से मिला लें।

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