Month: April 2022

  • KU में नया हंगामा : आरोपी शिक्षक को बनाया NAAC से A ग्रेड कॉलेज का प्रोफेसर इंचार्, जाने क्या था आरोप

    चाईबासा | पश्चिम सिंहभूम के चाईबासा में स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन का नया कारनामा सामने आया है। विश्वविद्यालय ने बगैर स्वीकृत पद के मैथिली के एसोसिएट प्रोफेसर का प्रतिनियोजन NAAC से A ग्रेड प्राप्त महाविद्यालय में कर दिया है। प्रतिनियोजन के आधार पर विवि के जमशेदपुर ब्रांच इंचार्ज डॉ. आरके चौधरी को घाटशिला कॉलेज का प्रोफेसर इंचार्ज बना दिया गया है। शनिवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। डॉ. आरके चौधरी को नई जिम्मेदारी दिए जाने के साथ ही छात्र संगठनों ने विश्चविद्यालय प्रशासन और आरके चौधरी का जोरो- शोरो से विरोध शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन पर लाभ लेकर पद दिए जाने का आरोप भी लग रहा है।

    छात्र संगठनों का आरोप है कि मैथिली के शिक्षक डॉ. आरके चौधरी पहले से विवादों में रहे हैं। ऐसे में उन्हें इतनी अहम जिम्मेदारी कैसे दी गई। वह भी ऐसे कॉलेज में जहां उनके विषय में पद तक नहीं है। डॉ. आरके चौधरी पर एक महिला प्रोफेसर ने अपनी फोटो खींचने का आरोप लगाया था। इसके अलावा डॉ. चौधरी की नियुक्ति को लेकर भी विवि में बड़ा विवाद हुआ था। पहले मामले की जांच में जहां प्रमाण नहीं मिलने के कारण आरोप सिद्ध नहीं हुए वहीं दूसरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच नहीं कराई।

    दरअसल जमशेदपुर के करनडीह स्थित एलबीएसएम कॉलेज में पदस्थापना के दौरान डॉ. चौधरी पर वर्ष 2018 में महिला प्रोफेसर की ओर से लिखित रूप से गंभीर आरोप लगाए गए थे। विवि ने इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें मुख्यालय अटैच किया था। इसके बाद वह दोबारा चाईबासा से जमशेदपुर आ गए। उन्हें पहले एबीएम कॉलेज में पदस्थापित किया गया। इसके बाद विवि के ब्रांच ऑफिस का इंचार्ज बनाया गया। अब प्रभारी प्राचार्य ( प्रोफेसर इंचार्ज) के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई है।

  • रिम्स में विभिन्न विभागों में चिकित्सकों के 264 पदों पर नियुक्ति, जाने कैसे करे आवेदन

    झारखंड के रिम्स डेंटल कॉलेज एवं रिम्स के विभिन्न विभागों में चिकित्सकों के 264 पदों पर भर्ती कराई जाएगी । इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें 142 स्थायी पद हैं, जबकि 122 पर तीन साल के लिए नियुक्ति होगी। इन 122 में ट्यूटर के 32 व सीनियर रेजीडेंट के 90 पद शामिल हैं।

    डेंटल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के 1 व असिस्टेंट प्रोफेसर के 3 पदों पर बहाली होगी। रिम्स में प्रोफेसर के 34, एडिशनल प्रोफेसर के 09, एसोसिएट प्रोफेसर के 47 व असिस्टेंट प्रोफेसर के 43 पदों पर बहाली होगी।

    डेंटल कॉलेज के 4 पदों के अलावा रिम्स में प्रोफेसर के 34 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। एडिशनल , एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई है।

    रिम्स निदेशक ने कहा कि आवेदन रजिस्टर्ड या स्पीडपोस्ट से ही स्वीकार होंगे। एक से ज्यादा पदों के लिए अलग अलग आवेदन भरने होंगे। आवेदन की सॉफ्ट कॉपी rimsranchi@rediffmail. com पर भी भेजना होगा। नियुक्ति की जानकारी www. rimsranchi. ac. in पर प्राप्त की जा सकती है।

  • त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की 4 चरणों में होगी वोटिंग, बैलेट पेपर पर होगी वोटिंग

    झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने को लेकर स्वीकृति दी है. झारखंड में ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य के चुनाव की वोटिंग 4 चरणों में करानी होगी . 14 मई, 19 मई, 24 मई एवं 27 मई को पंचायत चुनाव होने है. इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ डीके तिवारी ने आज शनिवार शाम को पंचायत चुनाव की औपचारिक घोषणा कर दी. राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी. आपको बता दें कि पंचायत चुनाव बैलेट पेपर पर होंगे.

    झारखंड पंचायत चुनाव का इंतजार खत्म हो गया. झारखंड में पंचायत चुनाव की डुगडुगी बज गयी. चार चरणों में चुनाव संपन्न होंगे. 14 मई से 27 मई के बीच चार चरणों में मतदान होंगे. राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ डीके तिवारी ने आज शनिवार शाम को पंचायत चुनाव की औपचारिक घोषणा कर दी. इसके साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से राज्य में होनेवाले पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण की व्यवस्था नहीं है. हालांकि, अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति के अलावा महिलाओं को पदों पर आरक्षण का लाभ मिलेगा. ओबीसी की सीटें सामान्य श्रेणी यानी अनारक्षित होंगी. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने कुल 53,480 मतदान केंद्र बनाये हैं. मतदान कराने के लिए हर बूथ पर कम से कम पांच लोगों की टीम रहेगी.

  • दर्दनाक हादसा : बच्चे के हाथ में ही फट गया स्मार्ट फोन, मौके पर हुई मौत

    पाकुड़। मोबाईल का बैटरी चार्ज किए जाने के दौरान बैटरी के ब्लास्ट होने के चलते एक पांच वर्षीय बच्ची की मौत हो गयी। घटना लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के डूमरिया गांव की है। ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार की दोपहर थाना क्षेत्र के डूमरिया के गड्डा टोला निवासी लाजर मरांडी ने अपने घर पर मोबाईल से बैटरी निकाल कर उसे मास्टर चार्जर के माध्यम से चार्ज पर लगाया था। इसी बीच लाजर मरांडी का पांच वर्षीय पुत्र सोनू मरांडी घर में खेलते हुए चार्ज में लगे बैटरी को जैसे ही खोलना चाहा, बैटरी अचानक ब्लास्ट कर गया। ब्लास्ट हुए बैटरी का आवाज काफी तेज था। इस घटना ने जहां परिवार के बाकी सदस्यों को हिला कर रख दिया, वहीं बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।

    आनन-फानन में परिजनों ने स्थिति को भांपते हुए गंभीर रूप से घायल सोनू को सोनाजोड़ी स्थित सदर अस्पताल पाकुड़ लाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी चिकित्सकों द्वारा पुलिस को दी गयी। घटना की जानकारी मिलने पर लिट्टीपाड़ा थाना के एसआई प्रमोद सिंह मौके पर पहुंच कर मामले की जानकारी लिया। इधर घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस के मुताबिक परिजनों द्वारा बच्चे के शव को पोस्टमार्टम नहीं कराने पर जोर दिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • बिजली की तार से कई पेड़ जल कर हुए खाख, आग लगने से 100 आम के पौधे सहित बहुत पेड़ो को हुआ नुकशान

    गुमला | गुमला प्रखंड के बोडो गांव में मनरेगा से लगायी गयी आम बागवानी में शुक्रवार की दोपहर में बिजली तार से अचानक आग लग जाने बहुत सारा नुकशान हो गया है. आग लगने से 100 आम के पेड़ व 80 सागवान के पेड़ बुरी तरह से जल गए है. साथ ही बागवानी की सुरक्षा के लिए लगाया गया घेरा भी पूरी तरह जल गया. बागवानी के ठीक बगल में लकड़ी टिंबर स्थित है, जो बाल-बाल आग से बच गया.

    आग की लपटें देख कर टिंबर में कार्य कर रहे मजदूर, लाभुक व स्थानीय ग्रामीणों ने मिल कर आग बुझायी. सूचना मिलने पर थानेदार कृष्ण कुमार तिवारी भी घटनास्थल पहुंचे और आग बुझाने में सहयोग किया. उक्त आम बागवानी बोडो निवासी दोलइत देवी की है, जो दो वर्ष पूर्व लगायी गयी थी. समय रहते आग पर काबू पा लिया गया. नहीं तो टिंबर में रखे करोड़ों रुपये की लकड़ी जल कर खाक हो जाती.

    कृषि बागवानी पर प्रशिक्षण
    पालकोट. प्रखंड की टेंगरिया पंचायत के नवाटोली गांव के किसानों के बीच स्वयंसेवी संस्था प्रदान द्वारा किसानों को कृषि बागवानी व सामूहिक नर्सरी को लेकर प्रशिक्षण दिया गया. मौके पर प्रदान से राज टाइगर कुमार सिंह, राजेंद्र साहू, सोमनाथ साहू, बिमला देवी, मंगरी देवी, सुनीता इंदवार सहित अन्य किसान मौजूद थे.

  • राजपुरा ओसीपी में चाल रहा है कोयले का डिस्को खेल, जानें पूरा मामला

    धनबाद | धनबाद जिला के निरसा क्षेत्र में राजपुरा ओसीपी में सबकी आंखों में धूल झोंक कर ईसीएल के आला अधिकारियों के सूझ बूझ से चल रही है कोयले की डिस्को खेल। जहा पे ओसीपी से निकल ने वाली अच्छी क्वालिटी की कोयले को बाटी जा रही है डीओ धारकों के बीच जिसकी डंपिंग भी अलग जगह पर किया जा रहा है।इसके अलावा ओसीपी से निकलने वाली मिट्टी वो पत्थर को कोल डीपो के नीचे रख कर ऊपर से अच्छे कोयले की डंपिंग कर मापी करवाई जा रहे है जिसमे नीचे दबे मिट्टी एवं पत्थर को भी कोयले की रूप दिए जा रहे है। जो रैक के माध्यम से लोड करके बाहर भेजी जा रहे है ।

    इस डिस्को खेल में ओसीपी प्रबंधक सह ईसीएल के आला अधिकारी भी है शामिल।मीडिया की टीम के द्वारा कोयले में मिट्टी,पत्थर की मिलावट की वीडियो अपनी कैमरे में कैद करने के बाद ओसीपी प्रबंधक से इस विषय में पूछे जाने से प्रबंधक ने मिलावट की बात को साफ इंकार करते हुए बताया की राजपुरा ओसीपी में कोयले में किसी भी प्रकार की मिट्टी एवं पत्थर की मिलावट नहीं किया जाता है डीपो को जेसीबी मशीन से खुदवा कर कभी भी जांच कर सकते है और जांच के माध्यम से कोयले में मिलावट पाई जाने पर दोषियों पर अवश्य करवाई होगी ।

  • पिता ने अपने ही हाथो ले ली अपनी मासूम सी बेटी की जान

    एक बच्चे के लिए सबसे अच्छा इंशान उसका पिता होता है। लेकिन पलामू में एक पिता ने ही महज साढ़े पांच साल के अपनी बेटी को बेरहमी से मार डाला। बेटी को अपने घर पांकी थानाक्षेत्र के तेतराईं से 45 किलोमीटर दूर मेदिनीनगर लेकर आया और गला दबा कर मार दिया। पुलिस ने हत्यारे पिता आनंद कुमार सिंह उर्फ पप्पू को गिरफ्त में ले लिया है।उसने बेटी संजना की हत्या की बात कबूल की है। आनंद का कहना है कि मां-बाप के ताना से तंग आकर बेटी को मार डाला। आनंद के पिता सतानंद सिंह कोनवाई हाई स्कूल के प्रिंसिपल हैं। पिता के स्कूल में काम करने वाले चपरासी की बेटी से लव मैरिज करने के कारण परिवार के लोग नाखुश थे। इसके बाद उसकी दो बेटियां हो गईं।

    अक्सर विवाद होता रहता था। गुरुवार को भी झगड़े के बाद वह पंजाब जाने की बात कह कर घर से निकला, लेकिन पीछे बेटी भी लग गई। गुस्से में बेटी को भी टेम्पू से साथ लेकर आ गया। फिर नदी किनारे उसे मार डाला।शुक्रवार की सुबह शहर थानाक्षेत्र के एचपी गैस गोदाम रोड में गोरहो मन्दिर के पास कोयल नदी में एक बच्चे का शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को मिली। जहां बच्ची का शव मिला है, वह शहर और चैनपुर थाना का बॉर्डर इलाका है।घटना की जानकारी मिलते ही शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण महथा व चैनपुर थाना प्रभारी उदय गुप्ता घटनास्थल पर पहुंच गए। शव की जानकारी होने पर बड़ी संख्या में आस पास के ग्रामीण जुटे लेकिन बच्ची की पहचान नहीं हो स्की।सोशल मीडिया में फोटो वायरल होने के बाद बच्ची की पहचान हुई। उसके दादा और मां थाना पहुंचे। शहर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमएमसीएच भेज दिया।

    पांकी की घटना: घर से 45 किमी दूर ले जाकर की हत्या

    बच्ची की मां गनीता देवी रोते हुए बताती है कि पहली शादी पतरातू हुई थी। पति बहुत मारता-पिटता था। व्यवहार सही नही होने के कारण कलेजा पर पत्थर रखकर एक बेटी को पतरातू में ही छोड़कर तेतराइ में आनंद के साथ दूसरी शादी की।आठ साल पहले यह प्रेम विवाह हुआ। दूसरी शादी से दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी संजना थी। उसे इस बात का अफसोस है कि काश वह बेटी को भी साथ लेकर जाती। थाना में पहचान के लिए फोटो देखने के साथ ही वह दहाड़ मार कर रोने लगी।

    पिता ने कहा- दो-दो बेटी होने पर मां-बाप हमेशा तंग करते थे, मारते थे ताना
    बच्ची के दादा सतानंद ने बताया कि बच्ची को छोड़कर उसकी मां गुरुवार को अपने रिश्तेदार के यहां गई थी।स्कूल पढ़ाने जाते वक्त रोज की तरह बच्ची को भी धनवासी टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय में छोड़कर गए थे।

    बच्ची दूसरी कक्षा में पढ़ती थी। मैं घर आया तो देखा कि आनंद कहीं चला गया है। तीन बजे के बाद संजना की खोजबीन शुरू हुई। जब आनंद को फोन किया तो उसने कहा कि बेटी उसके साथ नहीं है, वह रेलवे स्टेशन पर है। फिर उसे घर लाया गया और तब पूछा गया, तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली।

  • शिक्षकों के लिए मुसीबत बानी परीक्षा, विभाग के द्वारा पल-पल बदले जा रहे है आदेश

    रांची।शिक्षा विभाग के द्वारा ओएमआर सीट के माध्यम से बच्चों की ली गई परीक्षा स्कूल के शिक्षकों के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गयी है। विभाग के द्वारा पल पल बदले जा रहे आदेश से शिक्षक काफी परेशान है। पहले तो शिक्षकों को ओएमआर सीट लेने के लिए बीआरसी कार्यालय का दौड़ लगानी पड़ी।शिक्षक बीआरसी से ओएमआर सीट अपने विद्यालयों में ले जाकर बच्चों की परीक्षा संपन्न कराया। यह परीक्षा बीते 31 मार्च को जिले के सभी पांच से आठ तक के विद्यालयों में हुआ था। इस परीक्षा में लगभग 77 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए।

    परीक्षा संपन्न होने के बाद 31 मार्च को ही शिक्षकों को हर हाल में बीआरसी कार्यालय में ओएमआर सीट जमा कराने का निर्देश दिया गया। स्कूल के शिक्षक परीक्षा कराने के बाद घंटों लाइन में लगकर बीआरसी कार्यालय में ओएमआर सीट जमा कराया।पहले विभाग से आदेश आया था कि ओएमआर सीट किसी भी हाल में परीक्षा संपन्न होने के बाद उसी तिथि को बीआरसी कार्यालय में जमा करा दें। बाद में ओएमआर सीट रिसीव नहीं लिया जाएगा। ओएमआर सीट मूल्यांकन के लिए रांची भेजा जाएगा।

    ओएमआर सीट का मूल्यांकन राज्य झारखंड शिक्षा परियोजना में कंप्यूटर के माध्यम से किया जाएगा। इस आदेश का पालन करते हुए शिक्षकों ने बीआरसी कार्यालय में सभी ओएमआर सीट बंद लिफाफे में जमा कराया।इसके बाद बीते दो अप्रैल को राज्य परियोजना निदेशक किरण कुमारी पांसी का आदेश जिला शिक्षा परियोजना कार्यालय को आया कि बीआरसी में जमा कराए गए ओएमआर सीट फिर से शिक्षकों को वापस कर दिया जाए। अब ओएमआर सीट का मूल्यांकन शिक्षक अपने स्कूलों में स्वयं करेंगे।

    इसके बाद बीआरसी कार्यालय के पदाधिकारी शिक्षकों को बीआरसी आकर ओएमआर सीट वापस स्कूल ले जाने का दबाव बना रहें है। शिक्षक फिर से चिलचिलाती धूप में बीआरसी कार्यालय पहुंचकर ओएमआर सीट ले जा रहे हैं।

  • साहिबगंज : पानी में महिला का शव मिलने से मचा हड़कंप, पशुओं को चराने जा रहे मां-बेटी गहरे पानी में डूबे

    साहिबगंज | साहिबगंज जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में स्थित गंगा नदी में डूबने वाली मां- बेटी की लाश मिली है । 48 घंटे की तलाश के बाद पानी के अंदर से दोनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। शनिवार की सुबह महिला का शव मिला गया। इससे पहले शुक्रवार को लड़की की लाश मिलीं।

    मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को रामपुर टोपरा दियारा की रहने वाली मंजू देवी (30) व अपनी 7 वर्षीय बेटी कृष्णी कुमारी के साथ छोटी नांव पर सवार होकर पशुओं का चारा लाने नदी पार कर खेत गई थीं। गांव लौटने के दौरान में सुबह करीब साढ़े दस बजे पानी के तेज बहाव में नाव का संतुलन बिगड़ गया। इसमें दोनों नदी के बीच गहरे पानी में गिर गईं।

    काफी खोजबीन के बाद भी गुरुवार को मां-बेटी का पता नहीं चल पाया। घटना के करीब 24 घंटे बाद शुक्रवार को पहले बेटी का शव मिला। शनिवार सुबह मां की लाश निकाली गई। सदर सीओ अब्दुस समद 48 घंटे से लगातार मौके पर कैंप कर रहे थे। ग्रामीण व गोताखोरों की मदद से मां-बेटी दोनों को खोज लिया गया। दोनों के शव मिलने से इलाके में मातम का माहौल है।

  • जानें पंचायत चुनाव में मुखिया पद और ग्राम पंचायत के सदस्य प्रचार के लिए कितनी गाड़ियों का कर सकते है इस्तेमाल

    पंचायत चुनाव में मुखिया पद के प्रत्याशी अधिकतम दो वाहनों का इस्तेमाल करने की अनुमति मिली है । मतदान के दिन भी वे इतने ही वाहनों का उपयोग कर पाएंगे । वहीं, ग्राम पंचायत के सदस्य के प्रत्याशियों को वाहन इस्तेमाल की अनुमति प्रचार के लिए नहीं दी गयी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मई माह में होनेवाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में विभिन्न पदों के प्रत्याशियों द्वारा इस्तेमाल में लाए जानेवाले अधिकतम वाहनों की संख्या तय कर दी है।

    प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार के लिए वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति संबंधित निर्वाची पदाधिकारी से अनिवार्य रूप से लेनी होगी। ग्राम पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के सदस्य पद के प्रत्याशी अपने निर्वाचन क्षेत्र में किसी भी प्रकार के मैकेनाइज्ड वाहन द्वारा चुनाव प्रचार करने के लिए अधिकृत नहीं होंगे और न ही इस पद के प्रत्याशी मतदान के दिन किसी वाहन का उपयोग कर सकेंगे।

    वहीं, ग्राम पंचायत के मुखिया पद के प्रत्याशी अपने निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार तथा मतदान के दिन भ्रमण के लिए मात्र दो वाहनों का ही उपयोग कर सकेंगे। इसी तरह, पंचायत समिति के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के सदस्य पद के प्रत्याशी चुनाव प्रचार तथा मतदान के दिन भ्रमणहेतु मात्र दो वाहनों का ही उपयोग कर सकेंगे। जिला परिषद के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के सदस्य पद के प्रत्याशी अपने चुनाव प्रचार तथा मतदान के दिनभ्रमण हेतु अपने निर्वाचन क्षेत्र में अधिकतम चार वाहनों का उपयोग कर सकेंगे। चुनाव प्रचार में वाहनों के उपयोग हेतु प्रत्याशियों को उस निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी से अनुमतिप्राप्त करनी होगी।

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