Month: March 2022

  • आज के दिन डॉ भीमराव आंबेडकर को मिला था सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’

    आपको बता दे की आज ही वो दिन है जब हमारे देश के संविधान के निर्मता डॉ भीमराव आंबेडकर को 31 मार्च 1990 को मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करके देश और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान को नमन किया गया था । ‘बाबासाहब’ भीमराव आंबेडकर ने भारत की आजादी की लड़ाई में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था और जीवनभर सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लड़ते रहे।

    आजादी के बाद उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई, जब उन्हें राष्ट्र के संविधान निर्माण का दायित्व सौंपा गया। उन्होंने अपने दायित्व की पूर्ति करते हुए हमे हमारा संविधान दिया।

  • धनबाद : एक महिला को डायन बता कर किया पुरे परिवार का बहिस्कार, पढ़े पूरी खबर

    धनबाद | धनबाद थाना क्षेत्र के बैजना मांझी टोला में एक महिला पर डायन का आरोप लगा कर उससे सपरिवार उसका सामाजिक बहिष्कार किया गया है. पीड़ित परिवार ने इंसाफ के लिए थाना और पुलिस अधिकारियों से मदद मांगी है. गांव छोड़ने के फरमान के बाद परिवार ने 26 मार्च से रामकनाली में शरण ले ली . आरोप है कि रिश्तेदारों व गांववालों ने डायन का आरोप लगा महिला और उसके परिवार को प्रताड़ित किया तथा मारपीट की.

    शिकायत मिलने पर बुधवार की शाम निरसा एसडीपीओ पीतांबर सिंह खरवार, निरसा थाना प्रभारी दिलीप यादव मामले की जांच करने बैजना गांव पहुंचे. पुलिस ने पंचायत प्रधान पूनम देवी के पति अजय पासवान के अलावा रंजीत पासवान को बुलाया. श्री खरवार ने पीड़ित पक्ष व दूसरे पक्ष के ग्रामीणों से अलग-अलग पूछताछ कर जानकारी ली.

    अधिकारियों ने पंचायत प्रधान और गांव के प्रबुद्ध लोगों को बैठक कर मामले का समाधान करने को कहा. पूछताछ किये जाने के बाद पीड़ित परिवार पुनः रामकनाली चला गया. इधर, पंचायत प्रधान पूनम देवी के पति अजय पासवान का कहना था कि पीड़िता के घर के एकतरफ का रास्ता, जहां दीवार खड़ी गयी है, वह उसके रिश्तेदार की जमीन है.

    कई दिन पूर्व प्रथम पक्ष द्वारा लिखित देने के बाद पुलिस प्रशासन ने जानकारी मांगी थी. पूरा गांव एकतरफ और आरोप लगाने वाला परिवार एक तरफ है. मामला जमीन विवाद का है. बाकी आरोप गलत हैं. बैठक कर समस्या का समाधान कर लिया जायेगा.

    दूसरे पक्ष ने आरोपों को बताया गलत

    दूसरे पक्ष के पथल हेंब्रम, शुकूर मांझी सहित अन्य का कहना है कि उनलोगों ने कहीं भी दीवार खड़ी कर द्वार बंद नहीं किया है. पीड़िता के घर से होकर आने-जाने का रास्ता है. जहां दीवार खड़ी की गयी है, वह दूसरे हिस्सेदार की जमीन है. ग्रामीणों ने बकायदा बैठक कर दीवार खड़ी की है. किसी को डायन नहीं बताया गया है और न मारपीट की गयी है. लगाये गये आरोप सरासर गलत हैं.

  • धनबाद ; यूनियन क्लब के द्वारा मौज़ मस्ती पर उड़ाए गए थे 70 लाख, क्या हो पायेगी उसकी वसूली

    यूनियन क्लब धनबाद 70 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई है। यह अनियमितता माैज-मस्ती करने के लिए की गयी थी । इसके लेकर क्लब के सदस्यों के बीच विवाद जोरो सोरो से जारी है । नई कमेटी पुरानी कमेटी पर लगातार जोर बना रही है। इसे लेकर विवाद फिलहाल थमने का का नाम नहीं ले रहा है। पिछले वर्ष सितंबर में हुई वार्षिक जनरल मीटिंग कमेटी के अधिकतर पदाधिकारी नहीं पहुंचे पाए थे। वार्षिक जनरल मीटिंग में प्रस्तुत फाइनेंशियल रिकार्ड पर भी सवाल उठा था। इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी उजागर हुई थी।

    एजीएम में वित्तीय अनियमितता पर चर्चा

    बुधवार को दोबारा हुए एजीएम में पूर्व की कमेटी पर 70 लाख रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगा। इसमें वित्तीय वर्ष 2019-20 का लेखा-जोखा पेश हुआ। इसमें हुई गड़बड़ियों पर विस्तृत चर्चा हुई। सहमति के साथ तत्कालीन कमेटी पर निंदा प्रस्ताव पारित हुआ। उपस्थित सदस्यों ने इतनी बड़ी गड़बड़ी पर सभी को आड़े हाथों लिया। क्लब के सचिव रितेश शर्मा ने बताया कि मीटिंग में सहमति बनी कि पांच वर्षों तक पूर्व की कमेटी के सदस्य किसी भी पद पर चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। सिर्फ यही नहीं 70 लाख की वित्तीय गड़बड़ी की भरपाई अपने मेंबरशिप फीस और अन्य मद से करेंगे। इसके लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया गया है।

    क्लब के बायालाज के खिलाफ काम

    यह भी बताया कि इस कमेटी ने क्लब से हुई आय बैंक में जमा ही नहीं की और अन्य मद में खर्च कर दी। यह क्लब के बायलाज के खिलाफ है। क्लब की पूर्व की कमेटी के जिन सदस्यों पर निंदा प्रस्ताव पारित हुआ है, उनमें डा डीके सिंह, अमरजीत सिंह, रतनजीत सिंह डांग, अमित कुमार, विनोद कक्कर, पुनीत तुलसियान, राहुल नारंग, अंकित, संदीप कुमार, संजीव अग्रवाल और राकेश कुमार शामिल हैं। वार्षिक एजीएम में क्लब के कार्यकारी अध्यक्ष अमितेष सहाय, उपाध्यक्ष अतुल डोकानिया, सचिव रितेश शर्मा, मनोज खेमका, विजय अग्रवाल समेत क्लब के 70 सदस्य उपस्थित थे।

     

  • झारखण्ड में सबसे ज्यादा टैक्स देते है महेंद्र सिंह धोनी, हर साल करदाता की सूचि में रहते है सबसे पहले

    क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और सबसे लोगप्रिय खिलाडी महेंद्र सिंह धोनी (MS dhoni) एक बार फिर झारखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता बन गए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आने के बाद से ही झारखंड में सबसे अधिक व्यक्तिगत कर देने का रिकॉर्ड प्रत्येक महेंद्र सिंह धोनी (MS dhoni) को ही जाता है। कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी उनकी आमदनी करीब 130 करोड़ रुपये होने के का अनुमान बताया जा रहा है।

    उन्होंने अग्रिम कर के रूप में वर्तमान वित्तीय वर्ष में 38 करोड़ रुपये का कर भुगतान किया है। गत वर्ष की तुलना में अग्रिम कर की यह राशि 8 करोड़ रुपये अधिक है। पिछले साल वित्तीय वर्ष 2020-21 में उन्होंने 30 करोड़ रुपये के अग्रिम कर का भुगतान किया था। मिली जानकारी के अनुसार महेंद्र सिंह धोनी (MS dhoni) की आय इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) से सबसे अधिक हुई है। कोरोना संक्रमण में कमी के बाद केंद्र सरकार ने आइपीएल को अनुमति दे दी थी।

    आइपीएल 2022 में छोड़ दी चेन्‍नई सुपर किंग्‍स की कप्‍तानी

    इधर इंडियन प्रीमियर लीग शुरू होने से ऐन पहले रांची के राजकुमार महेंद्र सिंह धोनी ने एक चौंकाने वाला फैसला करते हुए चेन्‍नई सुपर किंग्‍स की कप्‍तानी छोड़ दी। माही ने रविंद्र जडेजा को अपने उत्तराधिकारी के रूप में कप्‍तान बनाया है। आइपीएल के शुरुआती सीजन से ही वे लगातार सीएसके के लिए कप्‍तानी कर रहे थे। धोनी वर्तमान में भारतीय क्रिकेट की दो विधाओं को अलविदा कह चुके हैं।

  • झारखण्ड को नहीं मिल पा रहा कोयला उत्पादन के लिए पर्याप्त विस्फोटक, रूस-यूक्रेन युद्ध है वजह

    रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण भारत स्थित कोयला कंपनियों को विस्फोटक (एक्सप्लोसिव) की आपूर्ति काफी हद तक प्रभावित हुई है। पहले से विसफोटक की कमी झेल रहीं कोयला कंपनियों को रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण आपूर्ति पर बहुत ज्यादा असर हो रहा है।

    कोयला मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार रूस ने अमोनियम नाइट्रेट (एएन) के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। विस्फोटक बनाने में अमोनियम नाइट्रेट सबसे महत्वपूर्ण है। निर्यात पर प्रतिबंध से विस्फोटक बनाने वाली कंपनियां प्रभावित हुई हैं। इस वजह से कोयला कंपनियों में विस्फोटक की आपूर्ति पर असर पड़ा है। अमोनियम नाइट्रेट का रूस विश्व में बड़ा निर्यातक है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि कोयले के सुचारू उत्पादन के लिए विस्फोटकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने देश में अमोनियम नाइट्रेट का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। देश में हाई डेंसिटी अमोनियम नाइट्रेट के चार निर्माता हैं और अमोनियम नाइट्रेट का घरेलू उत्पादन कोयला खनन, गैर-कोयला खनन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के विस्फोटकों के निर्माता की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए विस्फोटक निर्माता विस्फोटकों के निर्माण के लिए घरेलू और आयातित अमोनियम नाइट्रेट के मिश्रण का उपयोग करते हैं।

    वर्तमान में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के पास विस्फोटकों के लिए 12 घरेलू निजी विस्फोटक निर्माताओं के साथ नियमित अनुबंध हैं। कुछ निजी विस्फोटक निर्माता कंपनियों से भी कोल इंडिया विस्फोट खरीदती है। सीआईएल का थोक विस्फोटकों की आपूर्ति के लिए मेसर्स इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ दीर्घकालिक अनुबंध है। आठ निजी विस्फोटक कंपनियां एससीसीएल को एसएमई विस्फोटक की आपूर्ति कर रही हैं।

    दो हजार करोड़ का विस्फोटक खरीदती हैं कोयला कंपनियां

    कोयला कंपनियां विस्फोटक पर सालाना लगभग दो हजार करोड़ खर्च करती हैं। कोयला उत्पादन के अनुसार इसमें उतार-चढ़ाव होता है। सबसे ज्यादा विस्फोटक का उपयोग नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड (एनसीएल) में लगभग 1.25 लाख टन के आसपास होता है। बीसीसीएल में सालाना 50 हजार टन विस्फोटक की खपत है। एनसीएल की तरह ही महानदी कोलफील्ड लिमिटेड (एमसीएल) एवं साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (एनसीएल) में भी बड़े पैमाने पर एक्सप्लोसिव का उपयोग किया जाता है। चौथे नंबर पर एक्सप्लोसिव की खपत करनेवाली कंपनी सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (सीसीएल) है। बता दें कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों को जरूरत का लगभग 50 बारूद की आपूर्ति आईओसीएल से की जाती है। कुछ प्राइवेट कंपनियों से भी बारूद की आपूर्ति होती है।

    मुनाफे की दहलीज पर बीसीसीएल

    दो दिनी हड़ताल के बाद भी बीसीसीएल ने चालू वित्तीय वर्ष में उत्पादन और डिस्पैच के संशोधित लक्ष्य को हासिल कर लिया है। 32 मिलियन टन से ज्यादा कोयला डिस्पैच अब तक हो चुका है। संकेत यह है कि मामूली ही सही लेकिन इस वित्तीय वर्ष में कंपनी मुनाफे में होगी। आधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी। बीसीसीएल को पहले उत्पादन एवं डिस्पैच का 36 मिलियन टन का लक्ष्य मिला था। बाद में लक्ष्य को संशोधित कर उत्पादन 30 मिलियन टन और डिस्पैच 32 मिलियन टन करने को कहा गया। आधिकारिक सूत्रों ने संकेत दिया कि चालू वित्तीय वर्ष के दो क्वार्टर में कंपनी घाटे में थी। तीसरे क्वार्टर में मुनाफा हुआ है। चौथे क्वार्टर में नतीजे और बेहतर हैं। कंपनी के लिए सबसे फायदेमंद यह है कि कोयले की डिमांड चालू क्वार्टर में बढ़िया रहा और आरआइएनएल जैसी कंपनियों ने बीसीसीएल से अच्छी कीमत पर कोयला लिया है।

  • झारखण्ड : आज से मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति के फॉर्म भर सकेंगे छात्र, ऐसे किया जायेगा आवेदन

    रांची: झारखंड में मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा के आवेदन जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी 30 अप्रैल तक जैक की वेबसाइट से फॉर्म जमा करेंगे . आवेदन ऑनलाइन होगा. जिसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से सात अप्रैल से तीन मई तक प्राप्त आवेदन को ऑनलाइन सत्यापित किया जाएगा.

    प्रवेश पत्र वितरण एवं परीक्षा की तिथि जैक की ओर से बाद में घोषित की जायेगी. कक्षा आठ में सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले वैसे विद्यार्थी, जिन्हें सातवीं की परीक्षा में 55 फीसदी अंक आये हों, वे परीक्षा में शामिल हो सकते हैं.

    अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अंक में पांच फीसदी की छूट दी गयी है. चयनित विद्यार्थियों को कक्षा नौवीं से 12वीं तक के लिए प्रत्येक वर्ष 12000 रुपये छात्रवृत्ति दी जायेगी. छात्रवृत्ति के लिए प्रत्येक वर्ष 5000 विद्यार्थियों का चयन किया जायेगा.

    एनटीएसइ की तर्ज पर ली जायेगी परीक्षा :

    परीक्षा की पूरी प्रक्रिया राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसइ) की तर्ज पर तैयार की गयी है. परीक्षा दो खंड में ली जायेगी. दोनों खंड में 90-90 अंक के प्रश्न पूछे जायेंगे. प्रश्न की कठिनाई का स्तर कक्षा सात व आठ का होगा. रिजनिंग, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और गणित विषय से प्रश्न पूछे जायेंगे.

    हर जिले से 400 विद्यार्थी चुने जायेंगे

    छात्रवृत्ति के तहत हर जिले से चयनित होनेवाले विद्यार्थियों की संख्या निर्धारित कर दी गयी है. एक जिला से अधिकतम 400 बच्चों का चयन होगा. परीक्षा में चयन के लिए कट ऑफ मार्क्स 60 फीसदी निर्धारित किया गया है. सभी खंड में न्यूनतम 40 फीसदी (एसटी-एससी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 35 फीसदी) अंक लाना अनिवार्य होगा. 30 फीसदी सीट छात्राओं के लिए आरक्षित की गयी है.

    वर्ष 2019 में बनी थी योजना, अब होगी लागू

    सीएम मेधा छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2019 में तैयार की गयी थी. वर्ष 2019 में परीक्षा को लेकर तय प्रावधान के तहत विद्यार्थियों के चयन में परेशानी की बात सामने आयी थी. इसके अलावा कोविड के कारण भी परीक्षा नहीं ली जा सकी थी. इस वर्ष फरवरी में इसमें फिर से बदलाव किया गया. अब तीन साल बाद फिर से परीक्षा लेने की तैयारी शुरू की गयी है

  • पलामू धान घोटाला : गोदाम तक धान पहुंचे बिना ही, खा गए धान के पैसे, किया गया ससपेंड

    पलामू में धान खरीदारी का एक बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के तीन अधिकारियाें ने काेराेनाकाल में कागजाें पर 16250 क्विंटल धान की खरीदारी दिखा कर 3.25 कराेड़ रुपए की हेराफेरी हुई दी। जबकि धान निगम के गाेदाम में पहुंचा ही नहीं और दाे हजार रु. प्रति क्विंटल की दर से पैसे निकाल लिए गए।

    मामले की जानकारी मिलने पर एफसीआई झारखंड के क्षेत्रीय महाप्रबंधक हर्षित पटेल ने चैनपुर के डिपो इंचार्ज सह क्रय अधिकारी सोनल डांगिल, विश्रामपुर के डिपो इंचार्ज सह क्रय अधिकारी अमित गुड़िया और विश्रामपुर के ही डिपो इंचार्ज राकेश कुमार सिन्हा काे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

    जानकारी के मुताबिक, धान खरीदारी में ये हेराफेरी काेराेनाकाल यानी वर्ष 2020-2021 में की गई है। गड़बड़ी की शिकायत पर एफसीआई की सेंट्रल विजिलेंस टीम ने मामले की जांच की थी। निगम कर्मियों ने ही गड़बड़ी का राज खाेला था। पलामू में हुए इस घोटाले की सीबीआई जांच हो सकती है।

    चैनपुर और विश्रामपुर में धान का फर्जी कागजात दिखाया

    विजिलेंस की जांच में चैनपुर व विश्रामपुर धान अधिप्राप्ति केंद्र से 16250 क्विंटल धान गायब मिला। इसका दाम 3.25 करोड़ है। एफसीआई में मिलर को चावल देना पड़ता है और उसके बदले धान का उठाव करते हैं।

    चैनपुर व विश्रामपुर में धान था ही नहीं, इसलिए सरायकेला के फर्जी कागजात पर चावल दिखाया गया। सरायकेला में प्रतिनियुक्त एफसीआई प्रबंधक (गुण नियंत्रण) अनीता केरकेट्टा ने अफसरों को घाेटाले की सूचना दी थी।

  • साहिबगंज : फ्रीजर फटने से दुकान हुआ मामले में तब्दील, दुकानदार को हुआ 3 लाख का नुकशान

    साहिबगंज के मिर्जा चौकी में एक दुकान में रखा फ्रीजर बम एकदम धमाकेदार तरीके से फट गया । फ्रीजर फटने से दुकान मलबे में तब्दील हो गया । आग लगने से लगभग 3 लाख का सामान जल कर राख हो गया।

    दरअसल मिर्जा चौकी भगैय्या सड़क मार्ग किनारे गुरुवार की देर रात निम्गाक्षी गांव के राम लखन साह के मकान में किराया पर दुकान चला रहे अभिषेक आनंद की दुकान में रखा फ्रीजर ब्लास्ट हो गया। दुकान में आग लगने सारा सामान जलकर राख हो गया।

    दुकान संचालक अभिषेक आनंद ने बताया की दुकान में तकरीबन 3 लाख का सामान था। इसी दुकान को चलाकर हम अपने बूढ़े मां बाप और एक भाई एक बहन का भरण पोषण करते हैं।आग की लपटों और जोरदार ब्लास्ट से घर में भी कई जगह दरार पड़ गया है। आग लगने की सूचना मिलते ही मिर्जा चौकी थाना प्रभारी अशोक प्रसाद ने दल बल के साथ एएसआई सोलाय सुंडी को पीड़ित परिवार की मदद को भेजा। पुलिस व ग्रामीणों ने सड़क मार्ग में पानी का छिड़काव कर रहे टैंकर की मदद से काफी मशक्कत बाद आग पर काबू तो पा लिया लेकिन आग का कहर से दुकान में रखा कोई भी समान नहीं बच पाया है।

  • राजस्थान में महिला डॉक्टर के फांसी लगाने के बाद जमशेदपुर आईएमए भड़का, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग

    जमशेदपुर | राजस्थान के दौसा लालसोट में डॉ. अर्चना शर्मा के आत्महत्या करने से जमशेदपुर आईएमए के सदस्य काफी गुस्से में हैं। आईएमए ने महिला डॉक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी तक दे दी है

    प्रसव के बाद अधिक ब्लीडिंग से हुई थी मरीज की मौत

    आईएमए के सचिव डॉ. सौरभ चौधरी व अध्यक्ष डॉ. जीसी मांझी ने साकची कार्यालय में प्रेसवार्ता में ये बातें कहीं। आईएमए के सचिव ने बताया कि राजस्थान की डॉक्टर ने मंगलवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, क्योंकि सोमवार को उनके अस्पताल में एक गर्भवती की मौत हुई सबका मानना है की मौत डॉक्टर की वजह से हुई है । नेताओं के दबाव में पुलिस ने बगैर जांच हत्या का केस दर्ज कर लिया। इससे परेशान महिला डॉक्टर ने सुसाइड नोट छोड़कर आत्महत्या कर ली। इसमें डॉ. अर्चना ने लिखा है कि मैंने मरीज को नहीं मारा, प्रसव के बाद अधिक रक्तस्त्राव से उसकी मौत हुई है, जो एक बीमारी है।

    इधर, डॉक्टर की आत्महत्या से देशभर के डॉक्टर आक्रोशित हैं। डॉ. सौरभ चौधरी ने कहा कि किसी भी मरीज की मौत पर बगैर जांच हत्या का केस करना गलत है। जमशेदपुर आईएमए इसका विरोध करता है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी की बात कही।

    मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग

    डॉ. अर्चना शर्मा पर हत्या का केस दर्ज होने और आत्महत्या करने से नाराज जमशेदपुर आईएमए ने देशभर में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग एक बार फिर से उठाई है। सचिव ने कहा कि एक्ट लागू कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा। प्रेस वार्ता में डॉ. मनोज कुमार, डॉ. अभिषेक मुंडू, डॉ. जॉय भादुड़ी, डॉ. गौरी, डॉ. बीएन उषा, डॉ. सुनीता कुमारी शामिल थे।

  • झारखण्ड में हुआ शराब निति में सुधर, जानें क्या क्या होंगे बदलाव

    रांची | झारखंड में अब शीशे की बोतल मे ही शराब बिकना शुरू जायेगा। नई शराब नीति में इसे शामिल कर लिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक में नई नीति को मंजूरी मिल गई।  बैठक में नगर परिषद की बैठक संचालन नियमावली और कुर्मी को करमी  में शामिल करने समेत कुल 72 प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है।

    75 के बदले अब मात्र 5 गोदाम

    उत्पाद सचिव विनय चौबे ने बैठक में बताया कि राज्य में शराब की गोदामों की संख्या 75 है। नई नीति के तहत वह घटकर 5 की जाएगी। ये गोदाम प्रमंडल वार होंगे। इन्हें जेएसबीसीएल चलाएगा। खुदरा दुकानों की संख्या 750 से बढ़कर 15 सौ हो जाएगी। इन्हें चलाने की जिम्मेदारी एक एजेंसी को दी जाएगी। इस पर उत्पाद विभाग को नियंत्रण रखना होगा।

    ऐसे रुकेगी तस्करी

    नई शराब नीति में तस्करी को रोकने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।  शराब अब शीशे की बोतल में बिकेगी। हर बोतल पर होलोग्राम का निशान होगा।  इससे पता चलेगा कि उत्पादन कहां हुआ और किस गोदाम से निकली है। यह भी पता चल जाएगा कि कहां जाना है। इन जानकारियों से शराब के दाम का भी पता चल सकेगा। साथ ही कोई ज्यादा कीमत नहीं ले सकेगा। इससे राज्य के बाहर खासकर बिहार में झारखंड की शराब की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

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