JHARKHAND

सीएम हेमंत सोरेन सीएम के विधायक भाई माइनिंग कंपनी में पार्टनर, गृह मंत्रालय ने दिए जांच के निर्देश

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अपने नाम से पत्थर खदान का लीज लेने के मामले में मंत्रालय ने जांच के निर्देश दिए है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा हाल में लगाये गये आरोप के बाद गृह मंत्रालय पुरे तरह एक्शन में आ गया है। इस मामले में केंद्र सरकार ने मुख्य सचिव से पूरी रिपोर्ट की जांच की है। सूत्रों के अनुसार राज्यपाल रमेश बैस ने मुख्य सचिव को राजभवन बुलाकर भाजपा नेता द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाये गये आरोप और केंद्र सरकार की ओर से मांगी गई रिपोर्ट के संबंध में पूछताछ की है। उनसे पत्थर लीज से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने के लिये कहा गया है। इसकी पूरी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी।

पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी और दीपक प्रकाश ने राज्यपाल से की थी शिकायतउल्लेखनीय है कि पिछले दिनों रघुवर दास ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से मुख्यमंत्री पर यह आरोप लगाया था। उसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के साथ राज्यपाल से मिलकर भी इस संबंध में शिकायत की थी। साथ ही मुख्यमंत्री को विधान सभा की सदस्यता से बर्खास्त करने के साथ उन्हें सीएम के पद से हटाने की भी मांग की। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल के माध्यम से गृह मंत्रालय को भी ज्ञापन प्रेषित किया था। राज्यपाल रमेश बैस की ओर से ज्ञापन प्राप्त होने के बाद गृह मंत्रालय सक्रिय हो गया है।

सीएम के विधायक भाई माइनिंग कंपनी में पार्टनर

ज्ञात है कि रघुवर दास ने सीएम के भाई बसंत सोरेन पर भी खनन कंपनी ग्रैंड माइनिंग में पार्टनर होने का आरोप लगाया था। यह भी कहा था कि उस कंपनी पर सरकार का आठ करोड़ बकाया है। उन्होंने दोनों पर सरकार से दोहरा लाभ लेने का आरोप लगाते हुये इनकी विधानसभा सदस्यता खत्म करने की मांग की। रघुवर ने कहा कि सीएम द्वारा यह कार्य गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी मंत्रियों के लिए आचार संहिता का उल्लंघन है। साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(डी) के तहत आपराधिक कृत्य है। अब इन प्रावधानों के तहत जांच शुरू कर दी गई है।

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